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बेतिया राज की जमीन पर दावा-आपत्ति: महीनेभर में आए सिर्फ 30-35 आवेदन

2/9/2026, 12:00:00 am
बेतिया राज की जमीन पर दावा-आपत्ति: महीनेभर में आए सिर्फ 30-35 आवेदन
बेतिया। बेतिया राज की जमीन से जुड़े दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी बेहद कम दिख रही है। पिछले एक महीने में प्रशासन को महज 30 से 35 आवेदन ही मिले हैं। यह आंकड़ा उम्मीद से काफी कम है। जिला प्रशासन ने बेतिया राज की जमीन पर मालिकाना हक तय करने के लिए दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए एक महीने का समय दिया गया था। मकसद था कि जिनके पास पुराने कागजात या दावे हैं, वे सामने आएं। लेकिन नतीजा निराशाजनक रहा। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर आवेदन शहर के पुराने इलाकों से आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से न के बराबर आवेदन मिले। इसकी वजह जानकारी का अभाव हो सकता है। कई लोगों को प्रक्रिया के बारे में पता ही नहीं चला। बेतिया राज की जमीन का मामला दशकों से उलझा हुआ है। आजादी के बाद से ही इस पर विवाद चल रहा है। हजारों एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर मुकदमे चल रहे हैं। प्रशासन अब इसे सुलझाना चाहता है। एसडीएम ने बताया कि आवेदन कम आने की समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ी तो समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर लोगों को बताया जाएगा कि कैसे आवेदन करना है। जानकार मानते हैं कि जमीन के पुराने कागजात बहुत कम लोगों के पास बचे हैं। बहुतों के दस्तावेज खो चुके हैं या नष्ट हो गए। ऐसे में दावा साबित करना मुश्किल है। फिर भी प्रशासन की कोशिश है कि कोई वास्तविक दावेदार छूट न जाए। विपक्षी दलों ने कम आवेदन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने प्रचार-प्रसार ठीक से नहीं किया। गरीब और अनपढ़ लोग प्रक्रिया समझ नहीं पाए। उन्होंने दोबारा समय देने की मांग की है। अब देखना है कि प्रशासन क्या कदम उठाता है। अगर समय सीमा बढ़ती है तो आवेदनों की संख्या बढ़ सकती है। लेकिन असली चुनौती दावों की जांच और निपटारे की होगी। बेतिया राज की जमीन का मामला लंबा खिंच सकता है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द फैसला हो। बरसों से लटकी इस जमीन का हल निकलना जरूरी है। इससे विकास कार्य भी तेज होंगे और विवाद भी थमेंगे। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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