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बेतिया राजघराने की संपत्ति विवाद फिर सुर्खियों में

17/9/2026, 5:36:23 am
बेतिया राजघराने की संपत्ति विवाद फिर सुर्खियों में
बेतिया के पूर्व राजघराने की संपत्ति एक बार फिर अदालत की चौखट पर पहुँच गई है। पिछले महीने जिला अदालत में दायर एक याचिका में दावा किया गया है कि राजमहल और आसपास की ज़मीन पर अब भी राजपरिवार के वारिसों का हक़ है। याचिकाकर्ता ने पुराने राजस्व रिकॉर्ड और 1947 के समझौते का हवाला दिया है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा है कि ये ज़मीनें 1950 के दशक में सरकारी अधिग्रहण के तहत ली गई थीं। सरकारी वकील ने दस्तावेज़ पेश करते हुए दावा किया कि राजपरिवार को मुआवज़ा पहले ही दिया जा चुका है। इससे पहले 2018 में भी एक समान याचिका खारिज हुई थी, लेकिन नए दस्तावेज़ सामने आने के बाद मामला फिर से खुला। मामले की सुनवाई अगले महीने तय हुई है और दोनों पक्ष अपने-अपने सबूत पेश करेंगे। स्थानीय लोग इस विवाद को लेकर चिंतित हैं क्योंकि राजमहल का एक हिस्सा अब संग्रहालय के रूप में चल रहा है। स्थानीय विधायक ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन साथ ही विरासत स्थल को बचाए रखने की मांग भी करेंगे। संग्रहालय प्रशासन ने कहा कि किसी भी फैसले से पर्यटन पर असर नहीं पड़ना चाहिए। इतिहासकारों का मानना है कि यह मामला बिहार की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से भी जुड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राजपरिवार को अधिकार मिलता है तो संग्रहालय का संचालन निजी हाथों में जा सकता है। अदालत का फैसला न केवल संपत्ति के मालिकाना हक़ तय करेगा, बल्कि विरासत स्थलों के प्रबंधन की दिशा भी तय करेगा। इस बीच, बिहार सरकार ने एक समिति गठित की है जो विरासत संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नीति तैयार करेगी। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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