लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
bettiah

बेतिया के छात्र ने बनाया अनोखा मॉडल: हेलमेट पहने बिना बाइक नहीं होगी स्टार्ट

17/8/2026, 7:21:50 am
बेतिया के छात्र ने बनाया अनोखा मॉडल: हेलमेट पहने बिना बाइक नहीं होगी स्टार्ट
बेतिया के एक युवा छात्र ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक नया प्रयोग किया है। उसने एक ऐसा प्रोटोटाइप तैयार किया जिसमें बाइक तभी स्टार्ट होगी जब चालक हेलमेट पहने हो। इस मॉडल में हेलमेट के अंदर एक सेंसर लगाया गया है जो बाइक के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट से जुड़ा होता है। जैसे ही चालक हेलमेट पहनता है, सेंसर सिग्नल भेजता है और इंजन चालू हो जाता है। अगर हेलमेट नहीं पहना गया तो इंजन लॉक रहता है और बाइक नहीं चलती। छात्र का नाम राजेश कुमार है और वह स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसने बताया कि यह विचार उसे अपने दोस्त की दुर्घटना के बाद आया जब उसने देखा कि हेलमेट न पहनने से कितना खतरा होता है। प्रोटोटाइप को कॉलेज की लैब में विकसित किया गया है और इसका परीक्षण कई बार किया गया। परिणाम उत्साहजनक रहे और बाइक हर बार हेलमेट पहनने पर ही स्टार्ट हुई। स्थानीय प्रशासन ने इस पहल की सराहना की है और इसे आगे बढ़ाने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है। छात्र अब इस मॉडल को व्यावसायिक रूप देने की योजना बना रहा है ताकि अधिक से अधिक दोपहिया चालक इसका लाभ उठा सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार साबित हो सकती है। इस प्रोटोटाइप में ब्लूटूथ लो एनर्जी तकनीक का उपयोग किया गया है जिससे हेलमेट और बाइक के बीच बिना तार के संवाद होता है। सेंसर हेलमेट के अंदर एक छोटी बैटरी से चलता है जो छह महीने तक चल सकती है। छात्र ने बताया कि पूरे सिस्टम की लागत लगभग पांच हजार रुपये आती है जो आम दोपहिया मालिकों के लिए वहनीय है। कई स्थानीय बाइक डीलरों ने इस मॉडल को देखने के बाद अपनी रुचि दिखाई है और वे इसे अपने शोरूम में प्रदर्शित करना चाहते हैं। राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा योजना के तहत इस तरह के नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान की संभावना भी तलाशी जा रही है। छात्र अब अपने सहपाठियों के साथ मिलकर एक स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहा है ताकि इस तकनीक को बड़े पैमाने पर उत्पादित किया जा सके। उसने यह भी कहा कि भविष्य में हेलमेट में जीपीएस और आपातकालीन अलर्ट जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक व्यापक रूप से अपनाई जाती है तो भारत में दोपहिया दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

संबंधित