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भारत‑अमेरिका आर्थिक साझेदारी: चीन की दादागिरी पर लगाम, ट्रंप का समर्थन

2/9/2026, 3:57:30 am
भारत‑अमेरिका आर्थिक साझेदारी: चीन की दादागिरी पर लगाम, ट्रंप का समर्थन
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भारत और अमेरिका ने आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के विदेश मंत्री और वाणिज्य मंत्री ने नई दिल्ली में दो दिवसीय बैठक की। बैठक में व्यापार बाधाओं को कम करने, निवेश नियमों को सरल बनाने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। समझौते के तहत दोनों पक्ष एक संयुक्त कार्य समूह बनाएंगे जो हर तिमाही प्रगति की समीक्षा करेगा। इस पहल का मकसद चीन की दादागिरी को रोकना है, क्योंकि चीन कई क्षेत्रों में अनुचित व्यापार प्रथाएं अपनाता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी कर कहा कि वह भारत के साथ मिलकर स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था बनाएंगे। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत को रक्षा और उच्च तकनीक के क्षेत्र में प्राथमिकता देगा। भारतीय उद्योग संघों ने इस समझौते का स्वागत किया और कहा कि इससे निर्यातकों को नए बाजार मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई चेन में विविधता आने से भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। हालांकि कुछ आलोचकों का कहना है कि समझौते को जमीन पर उतारने में कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें आ सकती हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना जारी करेगी और सभी हितधारकों से सुझाव लेगी। अंत में, यह कदम भारत की आर्थिक स्वायत्तता को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। पिछले वर्ष दोनों देशों ने 2+2 संवाद में रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी, जिससे यह नया आर्थिक पैकेज स्वाभाविक अगला कदम है। फार्मा, आईटी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं शुरू होंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। क्वाड समूह के तहत भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले से ही समुद्री सुरक्षा पर काम कर रहे हैं, अब आर्थिक मोर्चे पर भी सहयोग गहरा होगा। चीन ने हाल ही में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने नौसैनिक अभ्यास बढ़ाए हैं, जिसे देखते हुए दोनों देश सप्लाई चेन की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस में भी भारत के साथ व्यापार समझौते को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज की गई है, जिससे निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा। भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर श्रम कानूनों और भूमि अधिग्रहण नियमों में सुधार की घोषणा की है, ताकि विदेशी निवेश आकर्षित हो सके। उद्योग संगठनों ने मांग की है कि समझौते में छोटे और मझोले उद्यमों के लिए विशेष प्रावधान रखे जाएं। अगले महीने होने वाली G20 बैठक में दोनों नेता इस समझौते की प्रगति की समीक्षा करेंगे और नए लक्ष्य तय करेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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