लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

भूपेन हजारिका जन्मशती: कोलकाता में मानवता और भाईचारे का तीन दिवसीय उत्सव

6/9/2026, 10:23:52 pm
भूपेन हजारिका जन्मशती: कोलकाता में मानवता और भाईचारे का तीन दिवसीय उत्सव
Original publisher image
भूपेन हजारिका की जन्मशती पर कोलकाता में तीन दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानवता और भाईचारे का संदेश फैलाना था। शहर के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र रवीन्द्र सदन में सुबह से शाम तक विविध कार्यक्रम चले। उद्घाटन सत्र में पश्चिम बंगाल के संस्कृति मंत्री ने भूपेन हजारिका के गीतों को सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि उनके संगीत ने भाषा, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़ा। दूसरे दिन प्रसिद्ध गायक अरिजीत सिंह और शान ने हजारिका के लोकप्रिय गीतों को प्रस्तुत किया। दर्शकों ने 'बिस्तिरनो पारोरे' और 'मनुहे मनुहोर बाभे' जैसे गीतों पर तालियां बजाईं। तीसरे दिन एक विचार‑गोष्ठी आयोजित हुई जिसमें साहित्यकार, पत्रकार और युवा कलाकार शामिल हुए। वक्ताओं ने हजारिका की रचनाओं को आज के सामाजिक संदर्भ में प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें हजारिका के हाथों लिखे पत्र, पुराने रिकॉर्ड और दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित थीं। लोग इन वस्तुओं को देखकर भावुक हुए। स्कूली बच्चों ने हजारिका के गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। उनके नृत्य ने युवा पीढ़ी को संगीत के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया। स्थानीय मीडिया ने कार्यक्रम की लाइव कवरेज की और सोशल मीडिया पर हैशटैग #BhupenHazarikaCentenary ट्रेंड करता रहा। भूपेन हजारिका का संगीत आज भी असम, बंगाल और पूरे भारत में लोगों को प्रेरित करता है। उनकी रचनाएं सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण की बात करती हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष ने कहा कि हजारिका की विरासत को जीवंत रखने के लिए हर वर्ष ऐसा आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में लगभग पचास हज़ार लोग शामिल हुए। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित