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बिहार में 222 दिनों में 58,585 म्यूल अकाउंट पकड़े गए, मनी लॉन्ड्रिंग का नया नेटवर्क उजागर

23/8/2026, 12:00:00 am
बिहार में 222 दिनों में 58,585 म्यूल अकाउंट पकड़े गए, मनी लॉन्ड्रिंग का नया नेटवर्क उजागर
बिहार में पिछले 222 दिनों में 58,585 म्यूल अकाउंट पकड़े गए हैं। यह आंकड़ा राज्य पुलिस और वित्तीय खुफिया इकाई की संयुक्त कार्रवाई से सामने आया। इन खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के नए नेटवर्क के लिए हो रहा था। अपराधी छोटे‑छोटे लेन‑देन करके बड़ी रकम को साफ़ करते थे। सबसे ज्यादा 4,275 म्यूल अकाउंट गया जिले में मिले। नालंदा में भी हजारों खाते सामने आए। अन्य 10 जिलों में भी सैकड़ों खाते पकड़े गए। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज कर दिया है और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की है। अब तक 210 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वित्तीय जांच एजेंसियां अब बड़े सरगना तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता ने अपराधियों को नया रास्ता दिया है। आम जनता को अपने खाते की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध लेन‑देन की तुरंत रिपोर्ट करें। साथ ही जन‑जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। रिजर्व बैंक ने भी बैंकों को केवाईसी मानकों को सख्ती से लागू करने को कहा है। साइबर सेल ने यूपीआई और मोबाइल वॉलेट के जरिए होने वाली लेन‑देन पर नज़र रखने के लिए नया सॉफ्टवेयर लगाया है। अदालत में कई मामले दायर किए गए हैं और जल्द ही फैसले आने की उम्मीद है। जांच में पता चला कि इन खातों से लगभग 1,200 करोड़ रुपये का अवैध लेन‑देन हुआ है। नेटवर्क बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। अपराधियों ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके खाते खोले थे। कई खाते छात्रों और घरेलू महिलाओं के नाम पर थे, जिन्हें लालच देकर इस्तेमाल किया गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने 15 शहरों में छापे मारे और 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। बैंकों को अब हर संदिग्ध लेन‑देन की रियल‑टाइम रिपोर्ट देनी होगी। सरकार ने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिससे नागरिक अपने खाते की गतिविधि देख सकें। जन‑जागरूकता के लिए स्कूलों और कॉलेजों में वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और व्यवस्था मजबूत होगी। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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