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बिहार को बाढ़ की तबाही से उबरने के लिए दस हजार करोड़ की दरकार, विभागों ने शिवराज को रिपोर्ट सौंपी

17/9/2026, 12:28:37 am
बिहार को बाढ़ की तबाही से उबरने के लिए दस हजार करोड़ की दरकार, विभागों ने शिवराज को रिपोर्ट सौंपी
बिहार में पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश और नदियों के उफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। किसानों के खेत बर्बाद हो गए, घरों में पानी भर गया और सड़कें टूट गईं। राज्य सरकार ने तुरंत राहत बचाव कार्य शुरू किए लेकिन नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, करीब पंद्रह लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। इससे धान, गेहूं और दलहन जैसी फसलों को नुकसान हुआ है। साथ ही, दस हजार से अधिक मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और लगभग पचास हजार लोगों को अस्थायी आश्रय लेना पड़ा है। बिजली की आपूर्ति और पेयजल की व्यवस्था भी कई स्थानों पर बाधित हुई है। राहत टीमें नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों को निकाल रही हैं और खाद्य पैकेट, दवाईयाँ और पेयजल वितरित कर रही हैं। हालांकि, दूरदराज के गावों में पहुँचने में देरी हो रही है और कुछ इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से तेजी से मुआवजा और पुनर्निर्माण की मांग की है। इस स्थिति को देखते हुए, वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास और सार्वजनिक कार्य जैसे कई विभागों ने संयुक्त रूप से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में क्षति का मूल्यांकन, आवश्यक धनराशि और पुनर्निर्माण की योजना शामिल है। तैयार की गई रिपोर्ट को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा गया है, ताकि वे केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग कर सकें। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बाढ़ से हुई तबाही की भरपाई के लिए दस हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इस राशि में किसानों को फसल क्षति का मुआवजा, क्षतिग्रस्त मकानों का पुनर्निर्माण, सड़क और पुलों की मरम्मत तथा बिजली और पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रावधान शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि बिना इस वित्तीय सहायता के पुनर्निर्माण कार्य धीमा रहेगा और प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद कहा कि वे बिहार की स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और केंद्र से जल्द से जल्द आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यक प्रक्रियाओं को तेज़ी से पूरा किया जाएगा ताकि राहत सामग्री और पुनर्निर्माण fondos समय पर पहुंच सकें। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर हैं कि वह बिहार के इस आग्रह को कैसे लेता है। यदि मंजूरी मिलती है तो राज्य में पुनर्निर्माण की गति तेज होगी और प्रभावित समुदाय जल्दी से अपने जीवन को पटरी पर ला सकेंगे। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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