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बिहार में बाढ़ का वैज्ञानिक हिसाब: गंगा से गंडक‑कोसी तक बनेगा नया मानचित्र

23/8/2026, 2:30:00 am
बिहार में बाढ़ का वैज्ञानिक हिसाब: गंगा से गंडक‑कोसी तक बनेगा नया मानचित्र
बिहार में हर साल बाढ़ लाखों लोगों को प्रभावित करती है। अब सरकार ने इसका वैज्ञानिक हिसाब लगाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंगा, गंडक और कोसी नदियों के पूरे प्रवाह क्षेत्र का आधुनिक तकनीक से सर्वे होगा। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन मैपिंग और हाइड्रोलॉजिकल मॉडल का उपयोग किया जाएगा। नया बाढ़ क्षेत्र मानचित्र जिलेवार जोखिम दिखाएगा और राहत कार्यों की योजना बनाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि वैज्ञानिक डेटा से बाढ़ की भविष्यवाणी अधिक सटीक होगी। पहले चरण में पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख शहरों का डेटा जुटाया जा रहा है। दूसरे चरण में ग्रामीण इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों को शामिल किया जाएगा। इस पहल से बीमा कंपनियों को भी नुकसान का आकलन करने में आसानी होगी। सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। अधिकारियों ने कहा कि मानचित्र अगले साल मार्च तक तैयार हो जाएगा। स्थानीय प्रशासन और एनजीओ को भी डेटा संग्रह में शामिल किया जाएगा ताकि जानकारी जमीन से मिले। प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि ग्रामीण बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली का उपयोग कर सकें। इस कदम से बिहार की बाढ़ प्रबंधन नीति में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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