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बिहार में पुलों की जांच तेज, हैंडओवर से पहले हर दरार की होगी पड़ताल

11/9/2026, 11:26:54 am
बिहार में पुलों की जांच तेज, हैंडओवर से पहले हर दरार की होगी पड़ताल
बिहार में निर्माणाधीन पुलों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव संदीप कुमार आर पुदकुलकट्टी ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि हैंडओवर से पहले हर पुल की बारीकी से जांच होगी। छोटी-बड़ी कोई भी दरार नजरअंदाज नहीं की जाएगी। बैठक में सभी जिलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पुलों का भौतिक सत्यापन करें। जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर मुख्यालय भेजनी होगी। जिन पुलों में खामियां मिलेंगी, उनके ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी और भुगतान रोक दिया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में बिहार के कई जिलों में निर्माणाधीन पुलों के ढहने या दरार आने की घटनाएं सामने आई हैं। भागलपुर, सहरसा और गोपालगंज में ऐसे मामलों के बाद विभाग अलर्ट मोड में आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पिछले महीने हुई समीक्षा में गुणवत्ता से समझौता न करने की हिदायत दी थी। विभाग ने थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था भी की है। आईआईटी पटना और एनआईटी के विशेषज्ञों की टीम चुनिंदा बड़े पुलों की जांच करेगी। इससे तकनीकी खामियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, जियो-टैगिंग के जरिए हर पुल की तस्वीर और डेटा केंद्रीय सर्वर पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री जयंत राज ने कहा कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी दी कि घटिया निर्माण पर काली सूची में डाला जाएगा। विपक्ष ने हालांकि इसे देर से उठाया गया कदम बताया है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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