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बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी की मांग: फरक्का जल संधि में बदलाव हो, बिहार को मिले पानी का वाजिब हक

9/9/2026, 2:15:00 am
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी की मांग: फरक्का जल संधि में बदलाव हो, बिहार को मिले पानी का वाजिब हक
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने फरक्का जल संधि को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संधि में बिहार के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। चौधरी ने मांग की है कि फरक्का बैराज से पानी छोड़ने के नियमों में तुरंत बदलाव किया जाए। उनके मुताबिक मौजूदा व्यवस्था के चलते बिहार को गंगा नदी के पानी का वाजिब हिस्सा नहीं मिल पा रहा है। फरक्का बैराज पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में गंगा नदी पर बना है। 1975 में बनी इस संधि के तहत भारत और बांग्लादेश के बीच पानी का बंटवारा होता है। लेकिन बिहार का कहना है कि इस समझौते में उसकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखा गया। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि बिहार के कई जिलों में सिंचाई और पीने के पानी का संकट गहराता जा रहा है। किसानों को फसल के लिए पानी नहीं मिल पा रहा। आम लोगों को भी गर्मियों में भारी दिक्कत होती है। चौधरी ने कहा कि फरक्का से पानी छोड़ने का फॉर्मूला पुराना हो चुका है। अब जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आबादी के हिसाब से नए नियम बनाने होंगे। उन्होंने केंद्र से अपील की कि बिहार के प्रतिनिधियों को बातचीत में शामिल किया जाए। ताकि राज्य की जमीनी हकीकत सामने आ सके। बिहार सरकार लंबे समय से इस मुद्दे को उठाती रही है। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक फरक्का से कम पानी छोड़ने पर बिहार में गंगा का जलस्तर गिर जाता है। इससे भूजल रिचार्ज नहीं हो पाता। नतीजतन कुएं और हैंडपंप सूखने लगते हैं। खेती पर बुरा असर पड़ता है। चौधरी ने चेतावनी दी कि अगर नियम नहीं बदले गए तो बिहार को बड़े जल संकट का सामना करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फरक्का संधि की समीक्षा लंबे समय से लंबित है। इसमें सभी संबंधित राज्यों की भागीदारी जरूरी है। बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड भी गंगा बेसिन का हिस्सा हैं। उनकी राय भी ली जानी चाहिए। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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