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फरक्का संधि के नवीनीकरण पर बिहार की आवाज़ उठी, संजय झा बोले- 30 साल का अन्याय खत्म हो

8/9/2026, 12:30:32 am
फरक्का संधि के नवीनीकरण पर बिहार की आवाज़ उठी, संजय झा बोले- 30 साल का अन्याय खत्म हो
पटना में एक prensa कॉन्फ्रेंस में बिहार के वरिष्ठ नेता संजय झा ने फरक्का संधि के आगामी नवीनीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि यह संधि 1975 में भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल के बंटवारे के लिए की गई थी और उसके बाद कई बार नवीनीकृत की गई है। संजय झा ने आरोप लगाया कि पिछले तीस वर्षों से बिहार को इस समझौते से नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को अधिक पानी देने की व्यवस्था के कारण बिहार के उत्तर भाग में सिंचाई, मछली पालन और बाढ़ नियंत्रण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कृषि उत्पादन में गिरावट और मछुआरों की आजीविका संकट में आई है। उन्होंने मांग की कि किसी भी नवीनीकरण से पहले बिहार के प्रतिनिधियों वाली एक समिति बनाई जाए जो जल उपलब्धता, 손실 और राज्य की जरूरतों का वस्तुनिष्ठ आकलन करे। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही नए शर्तों का निर्णय लिया जाना चाहिए। संजय झा ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह बांग्लादेश के साथ बातचीत में बिहार के हितों को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि पानी का न्यायपूर्ण बंटवारा न केवल बिहार के किसानों बल्कि पूरे पूर्वी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल जैसे अन्य राज्यों की चिंताओं को अक्सर सुना जाता है, लेकिन बिहार की विशिष्ट समस्याओं को नीति निर्माताओं द्वारा अनदेखा किया जाता है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए पारदर्शी डेटा जारी करना और जनसुनवाई आयोजित करना आवश्यक है। अंत में संजय झा ने कहा, "न्याय में देरी न्याय का inactivation है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बिहार के अधिकारों को समझते हुए फरक्का संधि के नवीनीकरण में न्यायपूर्ण समाधान निकालेगी।
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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