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बिहार में तटबंध बढ़े, बाढ़ का दायरा भी फैला

19/9/2026, 12:00:00 am
बिहार में तटबंध बढ़े, बाढ़ का दायरा भी फैला
बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन दशक में तटबंधों की लंबाई दोगुनी से ज्यादा हो गई, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भी 25 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया। विशेषज्ञ कहते हैं कि तटबंध बनाने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह रुकता है, जिससे पानी किनारे के खेतों और बस्तियों में फैल जाता है। इससे किसानों की फसल बर्बाद होती है और लाखों लोग हर साल विस्थापित होते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1990 में केवल 3,200 किलोमीटर तटबंध थे, जो 2023 में 7,500 किलोमीटर से अधिक हो गए। इसके बावजूद बाढ़ की घटनाएं हर साल बढ़ रही हैं। कोसी, गंडक और बूढ़ी गंडक जैसी नदियों के किनारे बने नए तटबंध पानी को रोकने के बजाय उसे गांवों की ओर मोड़ देते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि तटबंध के पास पानी जमा होने से मिट्टी कटाव तेज हो जाता है और खेतों की उपजाऊ परत बह जाती है। कई गांवों में पीने का पानी भी दूषित हो जाता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं। सरकार ने अब ‘नदी पुनर्जीवन’ योजना शुरू की है, जिसमें पुराने तटबंधों को हटाकर नदी को उसका प्राकृतिक मार्ग देने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तटबंध बनाने से बाढ़ नहीं रुकेगी। जल संरक्षण, वनरोपण और जल निकासी तंत्र को मजबूत करना भी जरूरी है। बिहार के लोगों को लंबे समय तक राहत तभी मिलेगी जब नदी और जमीन के बीच संतुलन बने। बिहार सरकार ने पिछले पांच साल में बाढ़ प्रबंधन पर 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, फिर भी बाढ़ का असर कम नहीं हुआ। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट बताती है कि तटबंधों की ऊंचाई बढ़ाने से नदी का दबाव बढ़ता है और वह किनारे तोड़कर बह निकलती है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अब ‘स्मार्ट तटबंध’ परियोजना शुरू की है, जिसमें सेंसर लगे तटबंध पानी के स्तर की निगरानी करेंगे और समय पर चेतावनी देंगे। इससे बाढ़ पूर्वानुमान बेहतर होगा और लोग सुरक्षित स्थान पर जा सकेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं कि बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया धीमी है। कई परिवार सालों तक राहत कैंप में रहते हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई छूट जाती है। सरकार को त्वरित मुआवजा और पुनर्वास योजना पर जोर देना चाहिए। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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