लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
bihar

बिहार में बाढ़ का खतरा गहराया, चार बड़ी नदियाँ लाल निशान पार

2/9/2026, 4:26:21 am
बिहार में बाढ़ का खतरा गहराया, चार बड़ी नदियाँ लाल निशान पार
बिहार में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। सोन, गंगा, गंडक और कोसी नदियाँ उफान पर हैं। अधिकारियों के अनुसार दस स्थानों पर जलस्तर लाल निशान को पार कर चुका है। भागलपुर, राघोपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, मोतिहारी और सीतामढ़ी जिलों में पानी गलियों तक पहुँच गया है। लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। प्रशासन ने नाव, मोटरबोट और रस्सी की व्यवस्था की है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। राहत शिविरों में भोजन, पानी और दवा का वितरण शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बांधों और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने आपात बैठक बुलाकर सभी जिलाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जान-माल की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। राहत सामग्री की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल की बाढ़ से सबक लिया गया है। इस बार जल्दी सूचना मिलने से नुकसान कम होने की उम्मीद है। लोग अपने पशुओं और जरूरी सामान को ऊँचे स्थान पर ले जा रहे हैं। अधिकारी नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं। यदि लाल निशान और ऊपर गया तो बड़े पैमाने पर निकासी की योजना तैयार है। हेलीकॉप्टर से भी बचाव कार्य चलाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट भेजी हैं। डायरिया, त्वचा रोग और साँस की बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाएँ बाँटी जा रही हैं। साफ पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर लगाए गए हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त सहायता मांगी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने तत्काल राहत पैकेज की मंजूरी दे दी है। अगले कुछ दिनों में स्थिति की समीक्षा होगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं ताकि जलस्तर की वास्तविक समय जानकारी मिल सके। स्वयंसेवी संगठन भी भोजन पैकेट और कपड़े बाँट रहे हैं। स्कूलों को अस्थायी आश्रय स्थल में बदला गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था है। सभी एजेंसियाँ मिलकर हालात पर नजर रख रही हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

संबंधित