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बिहार में भीषण बाढ़: 43 लाख लोग प्रभावित, नदियों का कहर जारी

10/9/2026, 6:57:03 pm
बिहार में भीषण बाढ़: 43 लाख लोग प्रभावित, नदियों का कहर जारी
बिहार में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बरसात जारी है, जिससे कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और कई छोटी नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस उफान से 43 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें कई घरों से बेघर हो गए हैं या पानी में फंसे हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिले सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार हैं, जहाँ सैकड़ों गाँव जलमग्न हो चुके हैं और मुख्य सड़कें टूट गई हैं। इससे आवागमन पूरी तरह ठप्प पड़ गया है और राहत सामग्री पहुँचाने में कठिनाई हो रही है। सर्वेक्षण दलों ने बताया कि कई स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को अस्थायी आश्रय केन्द्र में बदल दिया गया है। इन centres पर बेघर परिवारों को cooked rice, दाल, नमक, पानी की बोतलें और मच्छरदानी वितरित की जा रही हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ला रही हैं। एक ही दिन में अधिक से अधिक 500 लोगों को बचाया गया है, लेकिन पानी का स्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल की शुद्धि के लिए क्लोरिन टैबलेट्स और ओआरएस पैकेट्स वितरित किए हैं, ताकि डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके। हालांकि, कई राहत शिविरों में शौचालयों की कमी देखी गई है, जिससे स्वच्छता संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं। स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों ने भी राहत पैकेट्स तैयार करके वितरण शुरू कर दिया है, जिसमें आवश्यक दवाइयाँ और hygienic किट भी शामिल हैं। कृषि विभाग की प्रारम्भिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में हज़ारों हेक्टेयर धान और मक्का की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को 상당한 आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही, हज़ारों पशु भी बाढ़ के पानी में फँस गए हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए पशु चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगחו 24 घंटों में बरसात की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन नदियों का水位 अभी भी सामान्य से ऊपर रहेगा। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी की गई evacuation advisories का पालन करने की अपील की है। राहत कार्य जारी है और केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग की जा रही है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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