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बिहार में बाढ़: गंगा, सोन, पुनपुन समेत 8 नदियाँ उफान पर, लाखों प्रभावित

3/9/2026, 11:51:36 pm
बिहार में बाढ़: गंगा, सोन, पुनपुन समेत 8 नदियाँ उफान पर, लाखों प्रभावित
बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। दैनिक भास्कर के ड्रोन कैमरे ने गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती और महानंदा नदियों की ताजा स्थिति रिकॉर्ड की। फुटेज में साफ दिख रहा है कि ये नदियाँ खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही हैं और किनारे के गांव पानी में डूब चुके हैं। प्रशासन ने अब तक 12 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है, जबकि राहत शिविरों में खाने-पीने और दवा की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई और केंद्रीय एजेंसियों से अतिरिक्त नावें और हेलीकॉप्टर मांगे हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भर जाने से धान और मक्के की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित बीमारियों की आशंका जताते हुए टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। राहत कार्य में NDRF, SDRF और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन मिलकर काम कर रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहें और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। बाढ़ के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल लाइनें बंद हो गई हैं, जिससे आवश्यक सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली आपूर्ति भी कई इलाकों में ठप है, जिससे राहत शिविरों में रोशनी और पंखे की कमी महसूस हो रही है। सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित किया है, जिसमें नकद सहायता और पुनर्निर्माण शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएँ भविष्य में और अधिक आम हो सकती हैं। एनडीआरएफ ने अब तक 250 से अधिक नावें और 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, जो बाढ़ग्रस्त गांवों तक राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं। राज्य सरकार ने 1,200 टन खाद्यान्न, 500 टन दाल और 200 टन दवाइयाँ वितरित करने की योजना बनाई है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल 10,000 रुपये की नकद सहायता देने का आदेश जारी किया है। बाढ़ के कारण स्कूल और कॉलेज कई दिनों तक बंद रहेंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अनियोजित शहरीकरण और नदियों के किनारे अतिक्रमण बाढ़ की तीव्रता बढ़ा रहे हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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