लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
bihar

बिहार में आईजी ने भैंस के मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए जांच का आदेश दिया

26/8/2026, 2:15:30 am
बिहार में आईजी ने भैंस के मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए जांच का आदेश दिया
बिहार के एक गांव में लावारिस भैंस मिलने के बाद पुलिस ने उसके मालिक का पता लगाने की कोशिश शुरू की। पहले ग्रामीणों से पूछताछ की गई और आस‑पास के खेतों में नजरें डाली गईं, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं हाथ लगा। स्थिति तब बदल गई जब कई लोग एक ही भैंस को अपना बताने लगे और विवाद बढ़ने लगा। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस महानिरीक्षक ने पारंपरिक जांच के तरीके अपर्याप्त मानते हुए फोरेंसिक विज्ञान का इस्तेमाल करने का आदेश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि भैंस के बाल, लार और खून के छोटे‑छोटे नमूने लिए जाएं और राज्य की फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजे जाएं। टीम ने सावधानी से नमूने एकत्र किए और उन्हें सुरक्षित पैकेट में लैब पहुंचाया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने बताया कि डीएनए प्रोफाइल तैयार होने में लगभग दस से बारह दिन लगेंगे। लैब में टेक्निशियनों ने नमूनों को साफ किया, फिर PCR तकनीक से specific जीन मार्कर्स बढ़ाए गए। इस प्रक्रिया से प्राप्त प्रोफाइल को राज्य के पशु पंजीकरण डेटाबेस से तुलना की जाएगी। अगर मिलान होता है तो मालिक की पहचान तुरंत हो जाएगी। रिपोर्ट आने तक किसी भी पक्ष को भैंस पर कब्जा करने या उसे ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे दोनों sides में शांति बनी रहेगी और गलत दावे पर रोक लगेगी। ग्रामीणों का कहना है कि भैंस कुछ दिन पहले किसी अज्ञात ट्रक से गिर गई थी और फिर गांव की खेतों में घूमने लगी। कुछ लोग दावा करते हैं कि वह उनकी है क्योंकि वे पिछले साल से उसकी देखभाल करते हैं, जबकि दूसरों का कहना है कि वो किसी दूसरे किसान की है जो उसे खो बैठा। इस अस्पष्टता ने तनाव को बढ़ा दिया। आईजी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में वैज्ञानिक सबूत ही भरोसेमंद होते हैं, इसलिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रिपोर्ट में कोई स्पष्ट मिलान नहीं होता तो फिर अन्य पहलुओं पर जांच जारी रखी जाएगी। यह पहली बार है जब बिहार पुलिस ने पशु स्वामित्व के विवाद को सुलझाने के लिए डीएनए जांच का उपयोग किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस पद्धति से भविष्य में इसी तरह के disputa t को तेजी से और निष्पक्ष तरीके से सुलझाया जा सकेगा। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

संबंधित