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बिहार-झारखंड ने 25 साल पुराना सोन नदी विवाद सुलझाया, पानी बंटवारे पर सहमति

2/9/2026, 6:22:28 am
बिहार-झारखंड ने 25 साल पुराना सोन नदी विवाद सुलझाया, पानी बंटवारे पर सहमति
बिहार और झारखंड ने सोन नदी के पानी को लेकर 25 साल से चल रहा विवाद आखिरकार सुलझा लिया। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बैठक में इस पर अंतिम सहमति बनी। दोनों राज्यों के जल संसाधन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। विवाद 1999 में झारखंड के अलग होने के बाद शुरू हुआ था। सोन नदी पर बने इंद्रपुरी बराज और दूसरी परियोजनाओं से पानी लेने को लेकर दोनों राज्य आमने‑सामने थे। बिहार का दावा था कि सिंचाई के लिए तय हिस्सा नहीं मिल रहा, जबकि झारखंड अपनी नई योजनाओं के लिए पानी मांग रहा था। नए समझौते के मुताबिक सोन नदी के कुल पानी में बिहार को 70 फ़ीसदी और झारखंड को 30 फ़ीसदी हिस्सा मिलेगा। सूखे मौसम में भी न्यूनतम प्रवाह बनाए रखने पर सहमति बनी है। एक संयुक्त निगरानी समिति हर तीन महीने पर स्थिति की समीक्षा करेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों की जनता के हित में है। हेमंत सोरेन ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे बिहार के रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद जिलों और झारखंड के पलामू, गढ़वा इलाकों में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी। पेयजल योजनाओं को भी गति मिलेगी। केंद्र सरकार की मध्यस्थता में कई दौर की बातचीत के बाद यह नतीजा निकला। जल शक्ति मंत्रालय ने तकनीकी अध्ययन कराकर पानी की उपलब्धता का आकलन किया था। समझौते पर दस्तखत अगले महीने औपचारिक समारोह में होंगे। स्थानीय किसान संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बरसों की अनिश्चितता के चलते खेती प्रभावित हो रही थी। अब वे बेहतर योजना बना सकेंगे। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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