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बिहार में जमीन खरीदने से पहले ये 5 जांच जरूरी, वरना फंस सकते हैं आप

12/9/2026, 2:35:00 am
बिहार में जमीन खरीदने से पहले ये 5 जांच जरूरी, वरना फंस सकते हैं आप
बिहार में जमीन खरीदना अब आसान नहीं रह गया है क्योंकि राजस्व विभाग ने कई नए नियम लागू किए हैं। खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए ताकि बाद में कानूनी पचड़े से बचा जा सके। जमीन खरीदने से पहले पांच अहम जांच करनी चाहिए। पहली जांच है भूमि का खसरा और खतौनी नंबर। इन्हें ‘बिहार भूमि’ पोर्टल पर ऑनलाइन मिलान करें और प्रिंटआउट रख लें। दूसरी जांच विक्रेता के नाम पर बकाया टैक्स या लोन की है। राजस्व कार्यालय से नो‑ड्यूज़ सर्टिफिकेट मांगें और उसकी प्रति सुरक्षित रखें। तीसरी जांच जमीन का म्यूटेशन (दाखिल‑खारिज) अपडेट है या नहीं। पुराना म्यूटेशन होने पर नामांतरण में देरी और विवाद दोनों हो सकते हैं। चौथी जांच भूमि उपयोग वर्गीकरण की है। कृषि, आवासीय या व्यावसायिक श्रेणी सही है या नहीं, नगर निगम या पंचायत के रिकॉर्ड से 확인 करें। पांचवीं जांच सीमांकन रिपोर्ट और नक्शे की है। प्रमाणित सर्वेयर से सीमा निर्धारण करवाएं और नक्शा राजस्व विभाग में जमा कराएं। इन पांच बिंदुओं को पूरा करने के बाद ही रजिस्ट्री कराएं। रजिस्ट्री की मूल प्रति और भुगतान रसीद हमेशा अपने पास रखें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बड़े प्लॉट या व्यावसायिक जमीन के लिए एक वकील या राजस्व सलाहकार की मदद लें। उनकी निगरानी में दस्तावेज़ों की दोहरी जांच होती है। सरकार ने ‘बिहार भूमि’ पोर्टल को मोबाइल ऐप से भी जोड़ा है। इससे ग्रामीण खरीदार घर बैठे खसरा‑खतौनी, म्यूटेशन और टैक्स स्टेटस देख सकते हैं। अगर किसी भी चरण में गड़बड़ी मिले तो तुरंत जिला राजस्व अधिकारी को सूचित करें। लिखित शिकायत दर्ज कराने से कार्रवाई तेज होती है। सही जांच से न केवल पैसा बचता है, बल्कि भविष्य में मुकदमेबाजी और मानसिक तनाव से भी राहत मिलती है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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