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बिहार में संविदा डॉक्टरों का मानदेय बढ़ा, प्राध्यापकों को अब 2.07 लाख रुपये महीना

8/9/2026, 2:40:26 pm
बिहार में संविदा डॉक्टरों का मानदेय बढ़ा, प्राध्यापकों को अब 2.07 लाख रुपये महीना
बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर काम कर रहे डॉक्टरों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। नए आदेश के मुताबिक प्राध्यापक (प्रोफेसर) स्तर के डॉक्टरों को अब हर महीने 2.07 लाख रुपये मिलेंगे। सह-प्राध्यापक (एसोसिएट प्रोफेसर) का मानदेय 1.82 लाख और सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) का 1.57 लाख रुपये तय किया गया है। पहले प्राध्यापकों को 1.50 लाख, सह-प्राध्यापकों को 1.30 लाख और सहायक प्राध्यापकों को 1.10 लाख रुपये मिलते थे। इस बढ़ोतरी से करीब 1,200 संविदा डॉक्टरों को सीधा फायदा होगा। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि यह फैसला डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाएगा और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। सरकार का दावा है कि मानदेय बढ़ने से मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। अभी कई पद खाली पड़े हैं क्योंकि निजी क्षेत्र बेहतर वेतन देता है। नई दरें 1 अप्रैल 2024 से लागू मानी जाएंगी। एरियर का भुगतान भी जल्द किया जाएगा। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ ने फैसले का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि स्थायी नियुक्ति और सेवा शर्तों में सुधार भी जरूरी है। संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने मांग की कि संविदा डॉक्टरों को नियमित करने का रास्ता साफ किया जाए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्ताव पास हुए। इनमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा शिक्षा, सड़क निर्माण और पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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