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किसान के बेटे रामसागर बने गांव के पहले MBBS डॉक्टर, पूरा गांव मना रहा जश्न

2/9/2026, 2:29:10 am
किसान के बेटे रामसागर बने गांव के पहले MBBS डॉक्टर, पूरा गांव मना रहा जश्न
बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक छोटे से गांव में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई जब रामसागर ने MBBS की डिग्री हासिल की। वह अपने गांव के पहले डॉक्टर बने हैं। रामसागर के पिता रामकिशुन प्रसाद पेशे से किसान हैं और खेतीबाड़ी करके परिवार चलाते हैं। बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना उन्होंने बचपन से देखा था। रामसागर की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुई। संसाधनों की कमी के बावजूद उसने मेहनत नहीं छोड़ी। दसवीं और बारहवीं में अच्छे नंबर लाकर उसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की। पिता ने खेत गिरवी रखकर कोचिंग की फीस भरी। गांव वालों ने भी चंदा इकट्ठा करके मदद की। साल 2019 में रामसागर का चयन दरभंगा मेडिकल कॉलेज में हुआ। वहां पांच साल की कठिन पढ़ाई के दौरान उसने कई बार गांव की याद में आंसू बहाए, लेकिन लक्ष्य नहीं भूला। अंतिम वर्ष की परीक्षा पास करते ही उसने पिता को फोन करके कहा, "पिताजी, आपका सपना पूरा हुआ।" गांव में खबर पहुंचते ही पटाखे फूटने लगे। बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया, बच्चों ने मिठाई बांटी। ग्राम प्रधान ने कहा, "रामसागर ने पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। अब गांव के गरीब बच्चों को भी डॉक्टर बनने की हिम्मत मिलेगी।" रामसागर अब गांव के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवा देना चाहते हैं। उनका कहना है, "शहर में नौकरी मिल सकती थी, लेकिन मेरे गांव ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। मैं यहीं रहकर लोगों का इलाज करूंगा।" उनकी इस सोच ने गांव वालों का दिल जीत लिया है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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