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बिहार के इस गांव में सिर्फ तीन पढ़े-लिखे, 15 किमी साइकिल चला राजेश ने रचा इतिहास

25/8/2026, 11:44:15 pm
बिहार के इस गांव में सिर्फ तीन पढ़े-लिखे, 15 किमी साइकिल चला राजेश ने रचा इतिहास
बिहार के सीतामढ़ी जिले में बसा एक छोटा गांव आज भी शिक्षा की रोशनी से दूर है। यहां करीब तीन सौ लोग रहते हैं, मगर केवल तीन ही पढ़े-लिखे हैं। गांव का नाम अभी तक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ, लेकिन स्थानीय लोग इसे 'अनोखा गांव' कहते हैं। पहले मैट्रिक पास करने वाला राजेश कुमार इसी गांव का बेटा है। उसने अपनी पढ़ाई के लिए रोज 15 किलोमीटर साइकिल चलाई। सुबह चार बजे उठकर वह घर से निकलता, पगडंडियों और खेतों को पार करता हुआ स्कूल पहुंचता। रास्ते में न कोई बस थी न कोई सवारी, केवल उसकी पुरानी साइकिल और मजबूत इरादे थे। मैट्रिक की परीक्षा में उसने अच्छे अंक हासिल किए और गांव का पहला पास आउट बना। उसकी सफलता ने गांव वालों को सोचने पर मजबूर किया कि शिक्षा क्यों जरूरी है। अब गांव के कुछ युवा भी स्कूल जाने लगे हैं, हालांकि सुविधाएं अब भी कम हैं। जिला प्रशासन ने गांव में प्राथमिक विद्यालय खोलने का वादा किया है, पर काम अभी शुरू नहीं हुआ। राजेश अब आगे की पढ़ाई के लिए शहर जाने की तैयारी कर रहा है, ताकि वह अपने गांव के लिए कुछ कर सके। गांव की महिलाएं भी अब बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं, क्योंकि वे देख चुकी हैं कि शिक्षा से जीवन बदल सकता है। स्थानीय एनजीओ ने किताबें और स्टेशनरी दान की हैं, जिससे स्कूल की हालत थोड़ी सुधरी है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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