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फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर बिहार का विरोध, संजय झा ने कहा- 50 साल आगे सोचें

8/9/2026, 2:59:18 am
फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर बिहार का विरोध, संजय झा ने कहा- 50 साल आगे सोचें
बिहार ने फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का खुलकर विरोध किया है। राज्य सरकार का कहना है कि नवीनीकरण से गंगा के पानी का बंटवारा बिहार के किसानों और पीने के पानी पर बुरा असर डालेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री संजय झा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। संजय झा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोई भी फैसला अगले 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जाए। उन्होंने जोड़ा कि बिहार की आबादी तेजी से बढ़ रही है और सिंचाई तथा पेयजल की मांग लगातार बढ़ रही है। फरक्का बैराज से निकलने वाला पानी बांग्लादेश को जाता है, लेकिन बिहार के कई जिलों में पानी की कमी पहले से ही गंभीर है। विशेषज्ञों का मानना है कि संधि की शर्तों में बदलाव किए बिना नवीनीकरण करने से बिहार के जल संकट और गहरा सकता है। बिहार विधानसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई और विपक्ष ने सरकार से लिखित आश्वासन मांगा। केंद्र सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन बातचीत के दरवाजे खुले रखे गए हैं। संजय झा ने कहा कि बिहार अपने हक़ के पानी के लिए हर संभव कदम उठाएगा, चाहे वह न्यायालय हो या अंतरराष्ट्रीय मंच। इस बीच, किसान संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है और वे जल संधि की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। अगले कुछ हफ्तों में केंद्र और बिहार के बीच बैठक होने की संभावना है, जहां अंतिम फैसला लिया जाएगा। फरक्का जल संधि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई थी और इसकी अवधि 30 साल तय की गई थी। संधि की अवधि 2026 में समाप्त हो रही है, इसलिए नवीनीकरण की प्रक्रिया अभी से शुरू हो गई है। बिहार के किसान गंगा के पानी पर निर्भर हैं, खासकर धान और गेहूं की खेती के लिए। पिछले कुछ वर्षों में बारिश की अनियमितता ने जल संकट को और बढ़ा दिया है। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि बैराज से अधिक पानी छोड़ने पर गंगा की जैव विविधता पर बुरा असर पड़ेगा। राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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