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बीजेपी की नई टीम: यूपी में अखिलेश के पीडीए को कैसे जवाब देगी पार्टी

19/8/2026, 1:43:54 am
बीजेपी की नई टीम: यूपी में अखिलेश के पीडीए को कैसे जवाब देगी पार्टी
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उत्तर प्रदेश का अगला विधानसभा चुनाव केवल लखनऊ की कुर्सी का मुकाबला नहीं होगा, बल्कि इसके नतीजे 2029 की राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेंगे। इस पृष्ठभूमि में बीजेपी ने अपनी राज्य इकाई को नए चेहरों और नई रणनीति के साथ उतारा है। पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर युवा नेता को कमान सौंपी है और संगठन में ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के प्रतिनिधियों को अहम पद दिए हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, आदिवासी) गठबंधन बनाकर सामाजिक न्याय की राजनीति को केंद्र में रखा है। इस गठबंधन में कई छोटे दल और जाति आधारित संगठन शामिल हैं, जो ग्रामीण इलाकों में मजबूत पकड़ रखते हैं। अखिलेश की रणनीति यह है कि बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई जाए। बीजेपी की नई टीम इस चुनौती का जवाब देने के लिए तीन मोर्चों पर काम कर रही है। पहला, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाकर जनसंपर्क तेज करना। दूसरा, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधे पहुंच बनाकर विश्वास जीतना। तीसरा, जातीय समीकरण को साधने के लिए क्षेत्रीय नेताओं को चुनावी जिम्मेदारी देना। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का यह कदम केवल चुनावी नहीं, बल्कि लंबी अवधि की सांगठनिक मजबूती की ओर इशारा करता है। हालांकि, पीडीए का जमीनी नेटवर्क और अखिलेश की लोकप्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले महीनों में दोनों पक्षों की रैलियों, सोशल मीडिया अभियान और स्थानीय मुद्दों पर बहस से तस्वीर साफ होगी। अंततः, यूपी का मतदाता ही तय करेगा कि कौन सा सामाजिक समीकरण उसके लिए ज्यादा लाभदायक है। दोनों दलों की रणनीति में जो भी बदलाव आए, वह राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालेगा। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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