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भाजपा का 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने का रोडमैप, 2029 तक लक्ष्य

16/9/2026, 12:55:17 am
भाजपा का 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने का रोडमैप, 2029 तक लक्ष्य
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भाजपा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 21 राज्यों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने का विस्तृत खाका तैयार किया है। पार्टी का लक्ष्य 2029 तक इस कानून को ज़मीन पर उतारना है। केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्रियों, विधि विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। पहले चरण में उन राज्यों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां भाजपा की सरकार पहले से है। उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, असम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मसौदा विधेयक तैयार करके विधानसभा में पेश किया जाएगा। इन राज्यों में विधि आयोग की रिपोर्ट और स्थानीय परामर्श के आधार पर प्रावधान तय किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों से सहमति बनाने के लिए संवाद अभियान चलाया जाएगा। कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में मुख्यमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें तय की गई हैं। सहमति न बनने पर केंद्र राज्यपाल के माध्यम से अध्यादेश लाने का विकल्प भी रखता है। तीसरे चरण में संसद में एक देशव्यापी यूसीसी विधेयक लाने की तैयारी है। अगर संविधान संशोधन की ज़रूरत पड़ी तो उसे भी समय पर पूरा किया जाएगा। विधेयक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषयों को एकसमान बनाया जाएगा। समय‑सारणी के मुताबिक 2024‑25 में मसौदा तैयार होगा, 2026 में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे, 2027‑28 में विस्तार होगा और 2029 तक सभी 21 राज्यों में कानून प्रभावी हो जाएगा। प्रत्येक चरण की निगरानी के लिए एक केंद्रीय निगरानी समिति गठित की गई है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अनुच्छेद 44 के तहत राज्य सरकारों को यूसीसी बनाने का अधिकार है, लेकिन केंद्रीय कानून बनाने के लिए संसद की सहमति ज़रूरी होगी। संविधान संशोधन की संभावना पर संसदीय समिति पहले ही विचार कर चुकी है। जन जागरूकता के लिए सोशल मीडिया, ग्राम सभाओं, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक संगठनों के साथ कार्यक्रम आयोजित होंगे। सरकार का दावा है कि यूसीसी लैंगिक समानता और नागरिक अधिकारों को मजबूत करेगा। विपक्षी दलों ने इस योजना पर सवाल उठाए हैं और इसे सामाजिक विविधता के लिए खतरा बताया है। कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी विरोध दर्ज कराया है। सरकार का कहना है कि संवाद के जरिए सभी पक्षों को साथ लिया जाएगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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