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भारत

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक दिल्ली में आज से: भारत की कूटनीति का नया अध्याय

14/5/2026, 3:44:04 am
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक दिल्ली में आज से: भारत की कूटनीति का नया अध्याय
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राजधानी दिल्ली आज एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की गवाह बनने जा रही है, जहाँ ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू हो रही है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने पर जोर दिया जाएगा। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। एजेंडे में वैश्विक अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति, आतंकवाद का मुकाबला, जलवायु परिवर्तन और सदस्य देशों के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने जैसे कई अहम मुद्दे शामिल हैं। विशेष रूप से, पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति पर गंभीर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है, क्योंकि यह क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। भारत, एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में, इस मंच का उपयोग अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और बहुपक्षवाद को मजबूत करने के लिए करना चाहता है। बैठक में द्विपक्षीय वार्ताओं का भी दौर चलेगा, जहाँ जयशंकर अपने समकक्षों के साथ अलग से मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों से भारत को सदस्य देशों के साथ व्यक्तिगत संबंधों को और गहरा करने का अवसर मिलेगा। ब्रिक्स समूह पाँच प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक मंच है जो वैश्विक आबादी का लगभग 40% और वैश्विक जीडीपी का लगभग 25% प्रतिनिधित्व करता है। इसका प्रभाव वैश्विक शासन और आर्थिक सुधारों पर लगातार बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोलेगी और मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज़ को और मज़बूत करेगी। भारत हमेशा से ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर विश्वास करता रहा है, जो समावेशिता और साझा विकास के सिद्धांतों पर आधारित हैं। दिल्ली में यह आयोजन न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे ब्रिक्स समूह के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह बैठक ब्रिक्स के भविष्य की दिशा तय करने और वैश्विक मंच पर इसकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। भारत की अध्यक्षता में यह बैठक ब्रिक्स के एजेंडे को आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के साझा हितों को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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