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चंपारण के किसान ने धान संग मछली पालन से लाखों कमाए, फसल भी बेहतर

9/9/2026, 4:14:53 am
चंपारण के किसान ने धान संग मछली पालन से लाखों कमाए, फसल भी बेहतर
चंपारण के एक छोटे गांव में रहने वाले किसान रामकुमार ने अपने खेत में धान के साथ मछली पालन शुरू किया। उसने खेत में पानी भरा रखा और धान के पौधों के बीच मछली के बीज डाले। मछली खाद का काम करती है और धान को पोषण मिलता है। पहले सीजन में ही उसे मछली बेचकर लगभग दो लाख रुपये की आमदनी हुई। साथ ही धान की पैदावार भी 15 प्रतिशत बढ़ गई क्योंकि मछली के अपशिष्ट से मिट्टी की उर्वरता बढ़ी। कृषि वैज्ञानिकों ने इस मॉडल को अन्य इलाकों में अपनाने की सलाह दी है। सरकार भी ऐसे एकीकृत कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी दे रही है। रामकुमार ने स्थानीय कृषि केंद्र से प्रशिक्षण लिया और बाजार में मछली की अच्छी मांग देखी। अब वह दूसरे किसानों को भी इस तकनीक की जानकारी दे रहा है। उसने बताया कि यह आइडिया उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बदल चुका है। खेत में पानी का सही प्रबंधन और समय पर बीज डालना ही सफलता की कुंजी है। आसपास के किसान अब उसके खेत का दौरा कर रहे हैं और खुद भी धान-मछली मॉडल अपनाने की योजना बना रहे हैं। वह रोहू और कतला मछली पालता है क्योंकि इनकी बाजार में अधिक कीमत मिलती है। मछली के बीज वह सरकारी हेचरी से खरीदता है। खेत में पानी का स्तर 10-12 सेंटीमीटर रखना पड़ता है, जिससे धान की जड़ें भी स्वस्थ रहें। वह सिंचाई के लिए सौर पंप का उपयोग करता है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उसे पंप पर सब्सिडी मिली, जिससे लागत घटी। अगले साल वह खेत का क्षेत्रफल दोगुना करने की योजना बना रहा है और साथ ही जैविक खाद का भी प्रयोग करेगा। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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