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चांदी आयात पर नई पाबंदी: सरकार के फैसले से कारोबारी हैरान, सोने जैसा खुला रास्ता क्यों नहीं?

17/5/2026, 9:11:45 am
चांदी आयात पर नई पाबंदी: सरकार के फैसले से कारोबारी हैरान, सोने जैसा खुला रास्ता क्यों नहीं?
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नई दिल्ली: भारत सरकार ने हाल ही में चांदी के आयात को लेकर अपनी नीतियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसने देश भर के चांदी कारोबारियों और आभूषण निर्माताओं को हैरान कर दिया है। इस नए नियम के तहत, अब भारत में चांदी का आयात करने के लिए विशेष अनुमति लेना आवश्यक होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सोने के आयात के लिए ऐसी कोई शर्त लागू नहीं है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि चांदी के साथ ही ऐसा क्यों किया गया। सरकार के इस कदम को लेकर उद्योग जगत में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि इस फैसले के पीछे मुख्य कारण चांदी की बढ़ती घरेलू मांग और उसके आयात पर निर्भरता को कम करने की कोशिश हो सकती है। भारत दुनिया में चांदी का एक बड़ा उपभोक्ता है, और इसका एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। विशेष अनुमति की शर्त लागू करने से संभवतः सरकार आयात पर कुछ नियंत्रण रखना चाहती है, जिससे घरेलू उत्पादकों को प्रोत्साहन मिल सके। हालांकि, यह नियम सोने के आयात पर लागू न होना, चांदी कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सोने का आयात भारत में काफी बड़े पैमाने पर होता है और इसके लिए कोई नई शर्त नहीं लगाई गई है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकार चांदी और सोने के प्रति अलग-अलग रवैया अपना रही है, और इसके पीछे क्या विशेष कारण हैं। कुछ व्यापारियों का कहना है कि इससे स्मगलिंग का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि वैध आयात प्रक्रिया कठिन होने पर लोग अवैध रास्तों का सहारा ले सकते हैं। इसके अलावा, इस फैसले का सीधा असर चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है। आयात प्रक्रिया में अतिरिक्त बाधाएं अक्सर लागत को बढ़ा देती हैं, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। इससे आभूषणों और अन्य चांदी से बनी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की आशंका है। हालांकि, सरकार का लक्ष्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और व्यापार घाटे को नियंत्रित करना हो सकता है, लेकिन इसका कार्यान्वयन कितना प्रभावी होगा, यह देखना बाकी है। उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस फैसले के दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करना चाहिए। एक ओर जहां यह स्वदेशी उद्योग को मजबूत कर सकता है, वहीं दूसरी ओर यह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों और बाजार की गतिशीलता को भी प्रभावित कर सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस नीति को किस तरह लागू करती है और क्या वो कारोबारियों की चिंताओं का समाधान निकालने के लिए कोई कदम उठाती है। इस बीच, चांदी के खरीदारों और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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