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डिजिटल अरेस्ट पर सख्त न्यायपालिका, संसद का इंतजार नहीं: सीजेआई सूर्यकांत

29/8/2026, 11:20:16 pm
डिजिटल अरेस्ट पर सख्त न्यायपालिका, संसद का इंतजार नहीं: सीजेआई सूर्यकांत
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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को साफ कर दिया कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से निपटने के लिए न्यायपालिका अब और इंतजार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि संसद जब तक नया कानून बनाती है, तब तक अदालतें मौजूदा प्रावधानों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को राहत देंगी। सीजेआई एक कार्यक्रम में बोल रहे थे जहां साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी पर चर्चा हो रही थी। डिजिटल अरेस्ट एक नया अपराध है जिसमें जालसाज खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर धमकाते हैं। वे फर्जी वारंट दिखाते हैं, गिरफ्तारी का डर पैदा करते हैं और फिर पैसे वसूलते हैं। पिछले एक साल में ऐसे मामले तेजी से बढ़े हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में हजारों लोग इसका शिकार बने हैं। कई बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग अपनी जीवन भर की कमाई गंवा चुके हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने माना कि मौजूदा आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराएं इस अपराध से निपटने के लिए काफी नहीं हैं। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून की कमी का बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठा जा सकता। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार हर नागरिक को है। डिजिटल अरेस्ट इस अधिकार का सीधा उल्लंघन करता है। इसलिए अदालतें अंतरिम राहत देने, खाते फ्रीज कराने और जांच एजेंसियों को तेज कार्रवाई के निर्देश देने जैसे कदम उठा रही हैं। उन्होंने संसद से अपील की कि वह जल्द से जल्द एक सख्त और स्पष्ट कानून बनाए। लेकिन साथ ही चेताया कि न्यायपालिका अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में ऐसे मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर हो रही है। कई राज्यों की पुलिस ने भी साइबर सेल मजबूत किए हैं। लेकिन समस्या की जड़ अंतरराष्ट्रीय गिरोहों में है जो सीमाओं के पार से काम करते हैं। जानकार मानते हैं कि केवल कानून से बात नहीं बनेगी। जनजागरूकता उतनी ही जरूरी है। बैंक, टेलीकॉम कंपनियां और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सीजेआई की इस दो-टूक से एक संदेश साफ है — न्याय व्यवस्था पीड़ितों के साथ खड़ी है, भले ही विधायिका देर करे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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