लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

एडल्ट ऐप्स के जरिए साइबर धोखाधड़ी में तेज उछाल, फेसबुक‑इंस्टाग्राम विज्ञापन बने माध्यम

30/8/2026, 10:34:52 pm
एडल्ट ऐप्स के जरिए साइबर धोखाधड़ी में तेज उछाल, फेसबुक‑इंस्टाग्राम विज्ञापन बने माध्यम
Original publisher image
साइबर अपराध के नए रूप में एडल्ट ऐप्स के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे विज्ञापन इन ऐप्स को बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं तक पहुंचा रहे हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले छह महीनों में ऐसे मामलों में करीब 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। धोखेबाज पहले आकर्षक वीडियो या फ्री ट्रायल का लालच देकर ऐप डाउनलोड करवाते हैं। एक बार ऐप इंस्टॉल होने के बाद, यह उपयोगकर्ता के बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड डिटेल और ओटीपी चुरा लेता है। कई पीड़ितों ने शिकायत की कि उन्हें बिना अनुमति के बड़े लेनदेन के मैसेज मिले और खाते से पैसे कट गए। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को विज्ञापन नीति सख्त करनी चाहिए और संदिग्ध ऐप्स को तुरंत हटाना चाहिए। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ऐप स्टोर के बाहर से कोई ऐप न डाउनलोड करें और दो‑चरणीय सत्यापन सक्रिय रखें। सरकार ने नए आईटी नियमों के तहत ऐसे विज्ञापनों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है और प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए हैं। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जिस पर पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता अभियान और सख्त कानूनी कार्रवाई ही इस प्रवृत्ति को रोक सकती है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पिछले महीने 12 ऐसे मामलों में 3 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया है। महाराष्ट्र में एक युवक ने फ्री ट्रायल के नाम पर ऐप डाउनलोड किया और 48 घंटे में 1.2 लाख रुपये गंवा दिए। रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत अलर्ट जारी करें और ग्राहकों को सूचित करें। टेक कंपनियों से कहा गया है कि वे अपने विज्ञापन एल्गोरिदम में एडल्ट कंटेंट वाले ऐप्स को फ़िल्टर करें। आम नागरिक को सलाह है कि किसी भी अनजान ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी रेटिंग, समीक्षा और डेवलपर की जानकारी जांच लें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित