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देवदत्त पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक: स्पिन के सामने रणनीति और बड़ी पारी की भूख

16/8/2026, 2:30:17 am
देवदत्त पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक: स्पिन के सामने रणनीति और बड़ी पारी की भूख
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श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने अपना पहला शतक पूरा किया और टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। पडिक्कल ने 115 रन की नाबाद पारी खेली जिसमें 12 चौके और दो छक्के शामिल थे। उन्होंने मैच के बाद कहा कि स्पिन गेंदबाजों के सामने उन्होंने पहले से तय रणनीति अपनाई और गेंद की लाइन‑लेंथ को जल्दी पढ़ा। उनका फुटवर्क बहुत सधा हुआ रहा जिससे वे स्पिन को दोनों तरफ खेल सके और रन गति बनाए रखी। बड़ी पारी की भूख ने उन्हें लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने के लिए प्रेरित किया। दूसरे दिन सुबह के सत्र में उन्होंने तेजी से रन बटोरे और श्रीलंकाई स्पिनरों को दबाव में डाल दिया। कोच राहुल द्रविड़ और सीनियर बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने उनकी धैर्य और तकनीकी समझ की सराहना की। पडिक्कल ने बताया कि उन्होंने नेट्स में स्पिन के खिलाफ विशेष अभ्यास किया था जिससे आत्मविश्वास बढ़ा। इस शतक से उन्होंने टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर ली और भविष्य की सीरीज के लिए मजबूत दावेदार बन गए। मैच के अंत में भारतीय टीम ने 3 विकेट पर 320 रन बनाकर घोषित की और श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक के लिए लगातार बड़ी पारियां खेली थीं जिससे चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर गया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में 800 से अधिक रन बनाए और दो दोहरे शतक भी लगाए। श्रीलंका की पिच पर गेंद घूम रही थी और स्पिनरों को मदद मिल रही थी। पडिक्कल ने अपने पैरों का उपयोग करके गेंद को फ्रंट फुट पर खेलने का फैसला किया। उन्होंने स्पिनरों की गेंद को स्वीप और रिवर्स स्वीप से भी खेला जिससे रन गति बनी रही। उनकी पारी के दौरान विकेटकीपर दिनेश चंडीमल ने कई बार स्टंपिंग का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। पडिक्कल ने कहा कि मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक सोच ने उन्हें दबाव में नहीं आने दिया। टीम प्रबंधन ने उनकी बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने का निर्णय लिया जो सही साबित हुआ। इस प्रदर्शन से युवा बल्लेबाजों को प्रेरणा मिलेगी कि कड़ी मेहनत और योजना से बड़े मंच पर सफलता मिल सकती है। अब भारतीय टीम अगले टेस्ट में भी इसी तरह की शुरुआत चाहेगी ताकि सीरीज पर पकड़ मजबूत हो। पडिक्कल के शतक ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम में गहराई और स्थिरता का संदेश दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी तकनीक को भविष्य के लिए आदर्श माना है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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