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ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली तीन दिन तक किले में तब्दील

11/9/2026, 5:31:37 am
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली तीन दिन तक किले में तब्दील
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दिल्ली अगले तीन दिनों तक किले की तरह सुरक्षित रहेगी क्योंकि ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। गृह मंत्रालय ने पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियों को संयुक्त अभियान में लगाया है और पूरे शहर में 250 से अधिक चेकपॉइंट बनाए गए हैं। मुख्य स्थलों में लाल किला, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन और राजनयिक एन्क्लेव को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और वहां केवल अधिकृत वाहनों को प्रवेश मिलेगा। मेट्रो नेटवर्क पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, कई स्टेशनों पर प्रवेश-निकास सीमित कर दिए गए हैं और बसों के मार्ग बदल दिए गए हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की दोहरी जांच हो रही है, साथ ही सामान की एक्स-रे स्कैनिंग अनिवार्य कर दी गई है। सुरक्षा बल ड्रोन, सीसीटीवी और फेसियल रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं, यातायात निर्देशों का पालन करें और पहचान पत्र साथ रखें। आपातकालीन स्थिति के लिए 112 और 1090 नंबर पर कॉल करें, इसके अलावा दिल्ली पुलिस की हेल्पलाइन 011-23456789 भी 24 घंटे खुली रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के कारण सुबह-शाम के व्यस्त समय में यातायात धीमा रह सकता है, इसलिए लोग अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें। गृह मंत्री ने बयान में कहा कि सम्मेलन की सफलता के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, ताकि तीन दिनों तक शांति बनी रहे। सम्मेलन 13 से 15 सितंबर तक चलेगा और इसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे, जिसके कारण वीवीआईपी मूवमेंट बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने साइबर सुरक्षा टीम को भी सक्रिय किया है ताकि ऑनलाइन अफवाहों और फर्जी सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके। पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया है ताकि सीमा पर किसी भी अवैध प्रवेश को रोका जा सके। बाजार संघों ने दुकानदारों को शाम 6 बजे के बाद स्टॉक न निकालने की सलाह दी है, क्योंकि सुरक्षा जांच के कारण माल वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और एम्बुलेंस को प्राथमिकता मार्ग दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया मिले। नागरिकों से अनुरोध है कि वे सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें शेयर न करें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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