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भारत

दिव्यास्त्र एमके3 जेट इंजन ड्रोन की पहली सफल उड़ान

16/8/2026, 6:46:37 am
दिव्यास्त्र एमके3 जेट इंजन ड्रोन की पहली सफल उड़ान
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भारत में विकसित ‘दिव्यास्त्र एमके3’ ने अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। यह ड्रोन जेट इंजन से चलता है और इसे कावा यूएवी तथा होवरिट ने मिलकर तैयार किया है। परीक्षण राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में किया गया। ड्रोन ने 30 मिनट तक हवा में रहकर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी और 12 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचा। दिव्यास्त्र एमके3 का कुल वजन 250 किलोग्राम है और यह 150 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। जेट इंजन की वजह से यह पारंपरिक प्रोपेलर ड्रोन के मुकाबले तेज और अधिक दूरी तय करने में सक्षम है। इस प्रणाली में पूरी तरह स्वदेशी एवियोनिक्स, ऑटोपायलट और डेटा‑लिंक मॉड्यूल लगे हैं। यह दिन और रात दोनों स्थितियों में काम कर सकता है और रियल‑टाइम इंटेलिजेंस भेजता है। रक्षा मंत्रालय ने इस सफलता को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बड़ी उपलब्धि बताया है। आने वाले दिनों में इसे सीमा निगरानी, टारगेट डिटेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसे मिशनों में तैनात किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट‑पावर्ड ड्रोन से भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता बढ़ेगी और विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम होगी। परीक्षण के दौरान ड्रोन ने स्वचालित टेक‑ऑफ, नेविगेशन और लैंडिंग का प्रदर्शन किया। सभी चरण बिना मानवीय हस्तक्षेप के पूरे हुए। कावा यूएवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी भविष्य में स्वदेशी लड़ाकू ड्रोन विकसित करने का आधार बनेगी। होवरिट के तकनीकी निदेशक ने बताया कि जेट इंजन का डिजाइन पूरी तरह भारतीय प्रयोगशालाओं में विकसित किया गया है। इस सफलता से भारत के ड्रोन उद्योग को नई गति मिलेगी और निर्यात की संभावनाएं भी खुलेंगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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