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DSP सद्दाम हुसैन ने बेटे को 'नन्हा कान्हा' बनाकर दिखायी जन्माष्टमी की भाईचारे की मिसाल

4/9/2026, 5:53:10 pm
DSP सद्दाम हुसैन ने बेटे को 'नन्हा कान्हा' बनाकर दिखायी जन्माष्टमी की भाईचारे की मिसाल
बिहार के बेतिया जिले में तैनात डीएसपी सद्दाम हुसैन ने इस साल जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ अलग ही किया। उन्होंने अपने छोटे बेटे को नन्हा कान्हा का रूप धारण कराकर मंदिर के बाहर स्थित सामुदायिक केंद्र में लाया। इस पहल का उद्देश्य केवल त्योहार की रौनक बढ़ाना नहीं था, बल्कि समाज में मौजूद विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारे का संदेश देना था। सद्दाम हुसैन पिछले पांच वर्षों से बेतिया पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। उनके पास स्थानीय भाषा और संस्कृति की अच्छी समझ है, इसलिए वे अक्सर सामाजिक आयोजनों में भाग लेते रहते हैं। इस जन्माष्टमी को वे सिर्फ एक रितु नहीं, बल्कि एक अवसर मानते हैं जब सभी धर्मों के लोग एक साथ आकर खुशी मना सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे से ही स्थानीय मंदिर में विशेष पूजा और भजन-कीर्तन शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने फूलों की माला, मक्खन और मिश्री का प्रसाद चढ़ाया। बच्चों ने छोटे-छोटे झांकियों में भाग लिया, जबकि बुजुर्गों ने कृष्ण की लीला पर आधारित नाटक देखे। इस दौरान सामुदायिक केंद्र में एक मंच सजाया गया, जहां विभिन्न समुदायों के प्रतिभागियों ने मिलकर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। डीएसपी सद्दाम हुसैन ने अपने चार साल के बेटे आर्यन को पीली धोती, नीले कुर्ता और मोर पंख का ताज पहनाकर नन्हा कान्हा का लुक दिया। उन्होंने अपने हाथ से बांसुरी भी बनाई और बच्चे को उसमें फुलवारी सजाई। इस वेशभूषा को देखते ही आस-पास के लोग हैरान रह गए और तस्वीरें खींचने लगे। कई लोगों ने कहा कि ऐसा दृश्य पहले ही नहीं देखा गया, जहाँ एक मुस्लिम अधिकारी अपने बच्चे को हिन्दू देवता के रूप में सजा रहा हो। आयोजन के अंत में सद्दाम हुसैन ने सभी उपस्थित लोगों से शांति और भाईचारे की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों का असली अर्थ भेदभाव मिटाना और एक-दूसरे का सम्मान करना है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के प्रमुख ने भी उनकी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्य से सामाजिक ताना-बाना मजबूत होता है। कई स्कूली बच्चों ने भी इस मौके पर अपने हाथ से बनी रंगोली बनाकर खुशी जाहिर की। अंत में, प्रसाद का वितरण किया गया और सभी ने मिलकर झूमकर गरबा और डांडिया खेला। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं और बाहर से आने वाले लोगों ने बेतिया के इस उदाहरण को प्रेरणा का स्रोत बताया। डीएसपी सद्दाम हुसैन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल एक दिन का शो नहीं, बल्कि साल भर चलने वाले प्रेम और सम्मान का संदेश फैलाना है। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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