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डीवीएसी ने पूर्व डीएमके मंत्री केएन नेहरू के 30 ठिकानों पर छापे मारे, स्टालिन बोले- राजनीतिक बदला

5/9/2026, 5:19:45 am
डीवीएसी ने पूर्व डीएमके मंत्री केएन नेहरू के 30 ठिकानों पर छापे मारे, स्टालिन बोले- राजनीतिक बदला
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तमिलनाडु में विजिलेंस एंड एंटी करप्शन (डीवीएसी) ने पूर्व डीएमके मंत्री केएन नेहरू से जुड़े 30 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि छापे आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप में किए गए हैं। डीवीएसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच कई महीनों से चल रही थी और अब सबूत जुटाने के लिए छापे मारे गए। छापेमारी सुबह 6 बजे शुरू हुई और चेन्नई, कोयम्बटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम जैसे शहरों में एक साथ चली। डीवीएसी की कई टीमें दस्तावेज़, नकदी, सोने के आभूषण और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कर रही हैं। अभी तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ़्तारी नहीं हुई है, लेकिन कई खाते और संपत्ति के कागजात सीज किए गए हैं। केएन नेहरू तमिलनाडु के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं और डीएमके के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। उन पर पहले भी आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे थे, लेकिन तब मामला अदालत में लंबित रहा। इस बार डीवीएसी ने नए सबूत मिलने का दावा किया है, जिनमें बैंक लेनदेन और भूमि सौदे शामिल हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार और विपक्षी दल डीएमके को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्टालिन ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "यह छापा केवल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए है, हम इसका मुकाबला करेंगे।" डीएमके के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि केएन नेहरू पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पार्टी ने दावा किया कि छापेमारी से पहले कोई नोटिस या समन नहीं दिया गया था, जो प्रक्रिया का उल्लंघन है। विपक्षी दल एआईएडीएमके ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बताया और कहा कि कानून अपना काम करेगा। भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष ने छापेमारी का स्वागत करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और दोषियों को सजा मिले। कांग्रेस ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की, लेकिन साथ ही राजनीतिक इस्तेमाल न होने की चेतावनी दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस छापेमारी से तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। आने वाले विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा बड़ा बन सकता है और मतदाताओं की राय प्रभावित कर सकता है। कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि डीवीएसी की कार्रवाई से डीएमके की छवि पर असर पड़ेगा, जबकि अन्य मानते हैं कि जनता इसे राजनीतिक साजिश मानेगी। फिलहाल डीवीएसी की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई का इंतज़ार है। अधिकारी ने कहा कि जब्त सामान का मूल्यांकन किया जा रहा है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। तब तक सभी पक्ष अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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