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विश्व

यूरोप का भारत पर नया रुख़: प्रेस स्वतंत्रता पर सवाल उठाए

24/5/2026, 1:51:19 am
यूरोप का भारत पर नया रुख़: प्रेस स्वतंत्रता पर सवाल उठाए
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूरोप यात्राओं के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ आया है। यूरोपीय देशों ने प्रेस स्वतंत्रता और भारत में चल रहे राजनीतिक विवादों पर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों ने भारत में मीडिया की स्वतंत्रता पर चिंता व्यक्त की है। यह बदलाव पीएम की यात्राओं के तुरंत बाद देखा गया। भारत के अंदर इन मुद्दों पर जोरदार चर्चा रही। बीबीसी के डॉक्यूमेंटरी 'इंडिया: द मॉडी क्वेश्चन' ने देशभर में बवाल मचा दिया। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बताया। इसके अलावा, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों पर क्रिकेट बोर्ड से टक्कर का मामला भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना। लेकिन ये विवाध धीरे-धीरे खत्म हो गए। दुनियाभर के विश्लेषकों का मानना है कि यूरोप का रुख़ बदलने के पीछे दो कारण हैं। पहला, भारत की बढ़ती आर्थिक और राजनीतिक शक्ति। दूसरा, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की वैश्विक बात। द लेंस जैसे कार्यक्रमों में इन चिंताओं पर गहराई से चर्चा हुई। यह संकेत दे रहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब भारत के आंतरिक मामलों में अधिक दिलचस्पी ले रहा है। इस बदलाव से साफ पता चलता है कि भारत की अंतरराष्ट्रीछवि पर असर पड़ रहा है। जबकि भारत अपनी आंतरिक मामलों को विदेशी आलोचना से बाहर रखना चाहता है, वैश्विक मंच पर उसे अपने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के बारे में बात करनी पड़ सकती है। यह भारत के लिए एक नई चुनौती और एक नई संभावना दोनों है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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