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जंतर मंतर प्रदर्शन में फ़ेशियल रिकॉग्निशन: पुलिस ने कैसे की निगरानी

22/8/2026, 9:52:33 am
जंतर मंतर प्रदर्शन में फ़ेशियल रिकॉग्निशन: पुलिस ने कैसे की निगरानी
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दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने फ़ेशियल रिकॉग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया। बीबीसी की पड़ताल में पता चला कि कैमरे लगाकर लोगों के चेहरे स्कैन किए गए और उनकी पहचान डेटाबेस से मिलाई गई। यह तकनीक पहले एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशनों में ही दिखती थी, लेकिन अब सार्वजनिक विरोध में भी पहुँच गई है। पुलिस ने दावा किया कि यह कदम सुरक्षा के लिए जरूरी था। अधिकारियों ने कहा कि कैमरे केवल भीड़ की गिनती और संभावित खतरे पहचानने के लिए लगाए गए थे। हालांकि, नागरिक अधिकार संगठनों ने इसे निजता का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि बिना सहमति के चेहरे डेटा जमा करना गैरकानूनी है। तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक फ़ेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम लाइव वीडियो फीड से चेहरों को निकालता है और फिर उन्हें पहले से तैयार डेटाबेस से मिलाता है। अगर मिलान होता है तो अलर्ट जारी होता है। इस प्रक्रिया में गलत पहचान की संभावना भी रहती है, खासकर कम रोशनी या भीड़ में। दिल्ली पुलिस ने अब तक यह नहीं बताया कि कितने लोगों का डेटा जमा किया गया और उसे कब तक रखा जाएगा। सूचना का अधिकार के तहत मांगे गए जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। विपक्षी दलों ने संसद में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। नागरिक समाज के लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार एक स्पष्ट कानून बनाए जो फ़ेशियल रिकॉग्निशन के इस्तेमाल को नियंत्रित करे। तब तक वे अदालत का रुख कर सकते हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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