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फ़रक्का संधि बिहार के हितों के खिलाफ: जदयू ने शुरू किया विरोध अभियान

6/9/2026, 12:00:00 am
फ़रक्का संधि बिहार के हितों के खिलाफ: जदयू ने शुरू किया विरोध अभियान
फ़रक्का संधि बिहार के हितों के खिलाफ: जदयू ने शुरू किया विरोध अभियान पटना, 18 सितंबर — जदयू ने आरोप लगाया है कि 1976 की फ़रakkā संधि बिहार के जल संसाधनों को नुकसान पहुँचा रही है और इस वजह से राज्य के किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है। पार्टी के राज्य प्रमुख ने कहा कि संधि के तहत बांग्लादेश को गंगा का लगभग 40 प्रतिशत पानी दिया जाता है, जबकि बिहार को सिर्फ 20 प्रतिशत मिलता है, जिससे राज्य की नदियों में जल स्तर लगातार गिर रहा है और खेती पर असर पड़ रहा है। जदयू ने इस मुद्दे पर statewide अभियान शुरू करते हुए पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, भागलपुर और दरभंगा में जनसभाएं आयोजित की हैं। इन सभाओं में किसान नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार संधि की समीक्षा करे और बिहार के हिस्से का पानी सुनिश्चित करे। सभाओं में बैनर लगाए गए जिन पर बिहार का पानी, बिहार का अधिकार लिखा गया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डालकर जानकारी फैलाई है और लोगों से अपील की है कि वे हस्ताक्षर अभियान में भाग लें। अब तक दो लाख से अधिक हस्ताक्षर जमा किए जा चुके हैं। जदयू का कहना है कि यदि सरकार नहीं सुनती तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा और अगले महीने राजधानी में बड़ा धरना दिया जाएगा। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अलग‑अलग प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने जदयू के दावों को आधारहीन बताया जबकि अन्य ने कहा कि जल बंटवारा एक जटिल विषय है और इसे बातचीत से सुलझाना चाहिए। Meanwhile, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा संधि दोनों देशों के लिए लाभदायक है और इसे बदलने की कोई योजना नहीं है। जदयू नेता ने आगे कहा कि वे राज्यपाल और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे ताकि केंद्र का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया जा सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्द ही एक समिति बनाकर बिहार के हितों की रक्षा के लिए समाधान निकाला जा सके। अभियान के अगले चरण में स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी जल अधिकार के महत्व को समझ सके। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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