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बेतिया में निशुल्क सीपीआर प्रशिक्षण: सैकड़ों ने सीखी जीवन रक्षा की तकनीक

20/9/2026, 8:28:18 am
बेतिया में निशुल्क सीपीआर प्रशिक्षण: सैकड़ों ने सीखी जीवन रक्षा की तकनीक
बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में रविवार को निशुल्क सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। सदर अस्पताल परिसर में लगे इस शिविर में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग, रेड क्रॉस सोसाइटी और कई स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर लोगों को दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने जैसी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना सिखाया। शिविर का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र कुमार चौधरी ने किया। उन्होंने कहा, "सीपीआर एक साधारण तकनीक है, लेकिन सही समय पर दी जाए तो यह किसी की जान बचा सकती है। हर नागरिक को इसका बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।" प्रशिक्षण देने वालों में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार और रेड क्रॉस के प्रमाणित प्रशिक्षक शामिल थे। करीब 250 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें कॉलेज छात्र, ऑटो चालक, दुकानदार और गृहिणियां थीं। प्रशिक्षकों ने मैनिक्विन (पुतले) पर छाती दबाने की सही गति और गहराई बताई — एक मिनट में 100 से 120 बार, कम से कम 5 सेंटीमीटर गहरा। साथ ही, मुंह से सांस देने की विधि भी दिखाई गई। प्रतिभागियों ने खुद अभ्यास किया और गलतियां सुधारीं। बेतिया के ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष मोहन प्रसाद ने कहा, "हम रोज सड़क पर होते हैं। कई बार हादसे देखे हैं, लेकिन पता नहीं था क्या करें। अब आत्मविश्वास आया है।" कॉलेज छात्रा प्रीति कुमारी ने बताया, "पहले लगता था डॉक्टर का काम है, पर आज समझ आया कि हम भी पहली कड़ी बन सकते हैं।" सिविल सर्जन ने घोषणा की कि ऐसे शिविर हर महीने अलग-अलग प्रखंडों में लगाए जाएंगे। स्कूलों और पंचायत भवनों में भी सत्र आयोजित होंगे। रेड क्रॉस के जिला सचिव अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने वालों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जो रोजगार में भी काम आ सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 7 लाख लोग कार्डियक अरेस्ट से मरते हैं। उनमें से ज्यादातर अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ देते हैं। अगर आसपास मौजूद कोई व्यक्ति सीपीआर जानता हो, तो बचने की संभावना दोगुनी हो जाती है। बेतिया की यह पहल उसी दिशा में एक कदम है। शिविर के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने मोहल्ले, गांव और कार्यस्थल पर दूसरों को भी सिखाएंगे। जैसा कि एक बुजुर्ग प्रतिभागी ने कहा, "ज्ञान बांटने से बढ़ता है, और यहां तो जिंदगी बांटने की बात है।" समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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