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गणेशोत्सव का छठा दिन: 21 हज़ार से ज्यादा मूर्तियाँ विसर्जित, कांग्रेस ने सूखा पीड़ित किसानों की मदद मांगी

20/9/2026, 1:38:03 am
गणेशोत्सव का छठा दिन: 21 हज़ार से ज्यादा मूर्तियाँ विसर्जित, कांग्रेस ने सूखा पीड़ित किसानों की मदद मांगी
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महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का छठा दिन शुक्रवार को बड़ी धूमधाम से बीता और लाखों श्रद्धालु सड़कों पर निकले। मुंबई की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ भक्तों ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाए। पुणे, नागपुर, ठाणे और नासिक जैसे प्रमुख शहरों में भी उत्सव की रौनक देखी गई। प्रशासन ने 21 हज़ार से अधिक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करवाया। मुंबई के गिरगांव चौपाटी, दादर और वर्सोवा घाट पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। पुणे में मुलशी नदी और नागपुर में कान्हा नदी के किनारे विशेष विसर्जन स्थल बनाए गए थे। पुलिस और नगर निगम ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। नदियों के किनारे विशेष घाट बनाए गए, ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया था। वहीं, कांग्रेस ने इस त्योहार के बीच राज्य सरकार को घेरा और सूखे से जूझ रहे किसानों की मदद की मांग उठाई। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि फसल बीमा का भुगतान अब तक लंबित है। उन्होंने यह भी कहा कि पीने के पानी की किल्लत बढ़ रही है और किसानों को ब्याज-मुक्त कर्ज नहीं मिल पा रहा। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार तुरंत राहत पैकेज जारी करे, नहरों की मरम्मत कराए और खेतों तक पानी पहुंचाए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पहले घोषणा की थी कि सूखा प्रभावित जिलों के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं दिखा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। स्थानीय किसान संगठनों ने भी धरना दिया और कहा कि त्योहार की चमक में उनकी तकलीफ छिप नहींनी चाहिए। उन्होंने सरकार से तत्काल सहायता की अपील की। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपील की कि प्रशासन विसर्जन के बाद नदियों की सफाई पर भी ध्यान दे ताकि जल प्रदूषण न फैले। उन्होंने नागरिकों से भी कचरा न फेंकने की गुजारिश की। पर्यावरण संगठनों ने विसर्जन के बाद नदियों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई और मांग की कि प्लास्टिक और थर्माकोल की मूर्तियों पर प्रतिबंध लगे। उन्होंने सरकार से ईको-फ्रेंडली विकल्प अपनाने को कहा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को मुंबई और पुणे में हल्की बारिश की संभावना जताई, जिससे विसर्जन के दौरान जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन ने नावों और बचाव दलों को तैयार रखा है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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