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भारत

2500 ग्लेशियर झीलों से 27 राज्यों पर बाढ़ का खतरा

27/8/2026, 1:29:45 am
2500 ग्लेशियर झीलों से 27 राज्यों पर बाढ़ का खतरा
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भारत के पहाड़ी इलाकों में 2 500 से अधिक ग्लेशियर झीलें हैं जो कभी भी फट सकती हैं। वैज्ञानिकों की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से लगभग 400 झीलें बेहद संवेदनशील हैं और ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) का खतरा पैदा कर सकती हैं। यह खतरा 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक फैला है, जिनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू‑कश्मीर शामिल हैं। बाढ़ के मैदानों पर अवैध कब्ज़े और अनियोजित निर्माण ने खतरे को और बढ़ा दिया है। जब झील का बांध टूटता है, तो पानी तेज़ी से निचले इलाकों में बहता है और गांवों, सड़कों तथा बिजली लाइनों को तबाह कर देता है। पिछले दशक में उत्तराखंड के केदारनाथ और सिक्किम के चूंगथांग में हुई GLOF घटनाओं ने सैकड़ों जानें लीं और करोड़ों का नुकसान किया। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ मिलकर झीलों की निगरानी के लिए सैटेलाइट आधारित प्रणाली शुरू की है। इसके अलावा, राज्यों को बाढ़ मैदानों से अतिक्रमण हटाने और जल निकासी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं, जिससे नई झीलें बन रही हैं और पुरानी झीलों का आकार बढ़ रहा है। इसलिए समय‑समय पर जोखिम मानचित्र अपडेट करना और जनता को जागरूक करना ज़रूरी है। सरकारी एजेंसियां अब स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर पूर्व‑चेतावनी सिस्टम लगा रही हैं, ताकि आपदा के वक्त तेज़ी से निकासी हो सके। वैज्ञानिक संस्थान जैसे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) मिलकर झीलों के जलस्तर और तापमान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ डेटा साझा करके पूर्वानुमान मॉडल को और सटीक बनाया जा रहा है। राज्य सरकारों को आपदा प्रबंधन योजनाओं में GLOF के विशेष प्रावधान शामिल करने के लिए कहा गया है। जनता को भी नदियों के किनारे बसने से बचने और आपातकालीन किट तैयार रखने की सलाह दी गई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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