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पूर्वी चंपारण में राज्यपाल का आह्वान: पूर्व सैनिकों को कृषि से जोड़कर सशक्त बनाएं

2/9/2026, 9:54:00 am
पूर्वी चंपारण में राज्यपाल का आह्वान: पूर्व सैनिकों को कृषि से जोड़कर सशक्त बनाएं
बिहार के राज्यपाल ने पूर्वी चंपारण में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों को कृषि-रोजगार से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करने वाले इन जवानों का अनुशासन और अनुभव खेती के क्षेत्र में बड़ी पूंजी बन सकता है। राज्यपाल ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और कौशल विकास योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं को पूर्व सैनिकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा सकता है ताकि वे खेती, बागवानी, पशुपालन और प्रसंस्करण जैसे कामों में प्रशिक्षण ले सकें। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ मिलकर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करे। इसके अलावा राज्यपाल ने सुझाव दिया कि पूर्व सैनिकों के समूह बनाकर सहकारी समितियां गठित की जाएं। ऐसी समितियां संयुक्त रूप से जमीन लीज पर ले सकती हैं, आधुनिक उपकरण खरीद सकती हैं और अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचा सकती हैं। उन्होंने पड़ोसी जिले का उदाहरण दिया जहां पूर्व सैनिकों की टोली ने सब्जी की खेती करके आय दोगुनी कर ली। राज्यपाल ने यह भी कहा कि कृषि-आधारित उद्यमों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन रुकेगा। उन्होंने बैंकों से अनुरोध किया कि पूर्व सैनिकों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराएं ताकि वे अपना उद्यम शुरू कर सकें। इस पहल की सफलता के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का भी प्रस्ताव रखा गया। अंत में राज्यपाल ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की और कहा कि ठोस कदम उठाने पर पूर्वी चंपारण न केवल पूर्व सैनिकों के लिए नई आशा का केंद्र बनेगा बल्कि राज्य की कृषि उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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