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भारत

गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम में किया बड़ा बदलाव, पाक-अफगान-बांग्लादेश आवेदकों के लिए पहले पासपोर्ट की जरूरी

19/5/2026, 4:33:11 am
गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम में किया बड़ा बदलाव, पाक-अफगान-बांग्लादेश आवेदकों के लिए पहले पासपोर्ट की जरूरी
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम, 2009 में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इस फैसले से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकता आवेदकों के लिए नए दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के नियम लागू किए गए हैं। अब इन तीनों देशों के आवेदकों को अपने पहले पासपोर्ट की जानकारी देनी होगी। यह नियम उन आवेदकों पर लागू होगा जो नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (CAA) के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने यह संशोधन नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत किया है। इसका उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। आवेदकों को अपने पहले पासपोर्ट की जानकारी देने से उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की सत्यता की जांच आसान होगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह नियम सीएए (CAA) के तहत नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा। इससे आवेदकों के पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी की सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आएगी। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को दृढ़ता से ध्यान में रखकर लिया गया है। बता दें कि सीएए के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को नागरिकता देने की व्यवस्था है। इन लोगों को देश में आने के 12 साल बाद नागरिकता मिल सकती है। इस नए नियम से उनके आवेदन की प्रक्रिया सुगम होगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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