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गुजरात में अंधविश्वास का खौफनाक मामला: बेटे की चाहत में नोट निगलकर पेट फाड़ा

3/9/2026, 6:57:00 pm
गुजरात में अंधविश्वास का खौफनाक मामला: बेटे की चाहत में नोट निगलकर पेट फाड़ा
गुजरात के बनासकांठा जिले के एक छोटे गांव में एक 28 वर्षीय युवक ने बेटे की चाहत में अंधविश्वास का खौफनाक कदम उठाया। उसने घर में रखे 100 रुपये के नोट को मुंह में डालकर निगल लिया और फिर खुद ही चाकू से अपने पेट को चीर डाला। घटना की सूचना पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद थाना प्रभारी और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों ने आनन-फानन में ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर नोट को बाहर निकाला और आंतों की मरम्मत की। ऑपरेशन के बाद युवक की हालत स्थिर है, लेकिन मानसिक तनाव और अवसाद के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने आत्महत्या की कोशिश और अंधविश्वास फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। ग्रामीणों ने बताया कि युवक कई महीनों से पुत्र प्राप्ति के लिए तांत्रिक उपाय आजमा रहा था। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अंधविश्वास के खतरनाक परिणाम के रूप में देखा है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार की काउंसलिंग और जागरूकता अभियान जरूरी हैं। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इस बीच, युवक के परिजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अब उसकी देखभाल पर ध्यान देंगे। डॉक्टरों ने बताया कि नोट आंत में फंस गया था, जिससे आंतरिक रक्तस्राव का खतरा बढ़ गया था। ऑपरेशन के दौरान तीन घंटे लगे और खून की कमी को पूरा करने के लिए दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में अंधविश्वास की जड़ें गहरी होने का प्रमाण हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी तांत्रिक या बाबा के बहकावे में न आएं और चिकित्सकीय सलाह लें। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर तैनात किए जाएं। स्थानीय एनजीओ ने भी जागरूकता रैली निकालकर लोगों को वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। युवक के परिवार ने अब उसे मनोचिकित्सक के पास नियमित जांच के लिए भेजने का फैसला किया है। इस घटना ने पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है और लोग अंधविश्वास के खतरों पर खुलकर बात कर रहे हैं। समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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