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गुवाहाटी के स्कूलों में किशोरों के नशे की लत बढ़ रही

8/9/2026, 12:28:58 am
गुवाहाटी के स्कूलों में किशोरों के नशे की लत बढ़ रही
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गुवाहाटी के सरकारी और निजी स्कूलों में किशोरों के बीच नशे की लत तेज़ी से बढ़ रही है। एक हालिया अध्ययन में 12‑18 साल की आयु वाले 1,200 छात्रों को शामिल किया गया, जिसमें पाया गया कि 27 % ने कम से कम एक बार कोई नशीला पदार्थ जैसे सिगरेट, गुटखा या शराब का सेवन किया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से ड्रग्स से जुड़ी जानकारी अब युवाओं तक बहुत आसान हो गई है। कई छात्रों ने कहा कि वे दोस्तों के प्रभाव या ऑनलाइन वीडियो देखकर curiosidade से पहली बार किसी पदार्थ का प्रयास करते हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया कि स्कूल परिसर में सिगरेट और गुटखा की बिक्री रोकने के मौजूदा उपाय अपर्याण हैं। छात्र अक्सर कैंटीन के बाहर या टॉयलेट में छिपकर धूम्रपान करते हैं। शिक्षकों का मानना है कि पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या हल नहीं होगी; इसके बजाय युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों में जोड़ना आवश्यक है। गुवाहाटी शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने सभी स्कूलों में मासिक जागरूकता सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसमें प्रशिक्षित काउंसलर विद्यार्थियों को नशे के नुकसान के बारे में बताएंगे। साथ ही, माता‑पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और इंटरनेट उपयोग की सीमा तय करने की सलाह दी गई है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और कई एनजीओ मिलकर नशा मुक्ति शिविर लगा रहे हैं, जहाँ मनोवैज्ञानिक परामर्श और व्यसन उपचार प्रदान किए जाते हैं। शिक्षा नीति विशेषज्ञों का सुझाव है कि पाठ्यक्रम में जीवन कौशल और तनाव प्रबंधन के मॉड्यूल जोड़े जाएँ, ताकि छात्र नकारात्मक प्रभावों का सामना करने में सक्षम हों। सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि मोबाइल प्लेटफॉर्म पर नशे से जुड़ी विज्ञापनों और कंटेंट को फ़िल्टर करने के लिए सख्त दिशानिर्माण बनाए जाएँ। यदि इन कदमों को त्वरित रूप से लागू किया जाता है, तो उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में किशोरों में नशे की दर में noticeable गिरावट आएगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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