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हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: राहुल-थरूर के आरोप पर भाजपा का पलटवार

29/8/2026, 5:54:36 am
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: राहुल-थरूर के आरोप पर भाजपा का पलटवार
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हल्द्वानी में एक मंदिर के पास हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आयोजन के दौरान दलित समुदाय के लोगों को अलग बैठाया गया। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। आयोजकों ने दावा किया कि कोई भेदभाव नहीं हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और शशि थरूर ने आरोप लगाया कि इस आयोजन में छुआछूत की प्रथा को खुलेआम लागू किया गया। दोनों नेताओं ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि भाजपा शासित उत्तराखंड सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग भी की। राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा कि यह घटना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। थरूर ने कहा कि ऐसी प्रथाएं आधुनिक भारत में अस्वीकार्य हैं। भाजपा ने तुरंत पलटवार किया और कांग्रेस पर तथ्यों को तोड़‑मरोड़कर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन मंदिर समिति ने किया था और सभी जाति‑वर्ग के लोग आमंत्रित थे। भाजपा ने जांच को राजनीतिक साज़िश बताया। भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए मामले को उछाल रही है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया। प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी में सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट 15 दिन में सौंपी जाएगी। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को संसद में उठाने की चेतावनी दी है। सामाजिक संगठनों ने स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। स्थानीय मीडिया भी मामले पर लगातार रिपोर्ट कर रहा है। कई दलित संगठनों ने प्रदर्शन की घोषणा की है। वे न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यह विवाद आगामी विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने‑अपने वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं। जनता की नज़र अब जांच के नतीजे पर टिकी है। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि इस मुद्दे से ग्रामीण मतदाताओं का रुझान बदल सकता है। दोनों दल अब ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क तेज करेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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