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टी20 ने छीना बल्लेबाजों का धैर्य? हरभजन ने बताया क्यों कम हुए तिहरे शतक

13/8/2026, 10:46:22 pm
टी20 ने छीना बल्लेबाजों का धैर्य? हरभजन ने बताया क्यों कम हुए तिहरे शतक
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पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने टी20 क्रिकेट के बढ़ते असर पर बड़ा सवाल उठाया है। उनका मानना है कि छोटे फॉर्मेट ने बल्लेबाजों की सोच बदल दी है। अब हर गेंद पर रन बनाने की आदत पड़ गई है। टेस्ट क्रिकेट में धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार होता था, लेकिन वही धैर्य अब गायब हो रहा है। हरभजन ने कहा, "पहले बल्लेबाज सत्र दर सत्र खेलते थे। गेंद छोड़ना जानते थे। अब पहली ही गेंद से अटैक करने लगते हैं।" आंकड़े उनकी बात की तस्दीक करते हैं। टेस्ट इतिहास में अब तक सिर्फ 31 तिहरे शतक लगे हैं। पिछले दस साल में केवल चार बल्लेबाज ही 300 का आंकड़ा छू सके। करुण नायर (2016), डेविड वॉर्नर (2019), हैरी ब्रूक (2024) और हाल ही में यशस्वी जायसवाल ने यह कारनामा किया। हरभजन का इशारा साफ है — आईपीएल और दुनियाभर की टी20 लीग ने बल्लेबाजी की परिभाषा बदल दी। स्ट्राइक रेट अब औसत से ज्यादा अहम हो गया। युवा क्रिकेटर नेट्स में भी डिफेंस कम, स्वीप और रिवर्स स्वीप ज्यादा प्रैक्टिस करते हैं। हालांकि हरभजन यह भी मानते हैं कि टी20 ने फील्डिंग और रनिंग बेहतर बनाई। लेकिन टेस्ट में पांच दिन टिकने का मिजाज चाहिए, जो अब कम दिखता है। उन्होंने सुझाव दिया कि घरेलू क्रिकेट में लंबे फॉर्मेट को महत्व मिले। रणजी ट्रॉफी में चार दिवसीय मैचों की गुणवत्ता सुधरे। तभी बल्लेबाज धैर्य सीख पाएंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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