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भारत में 11 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी, बिहार में 16 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

5/9/2026, 11:48:29 pm
भारत में 11 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी, बिहार में 16 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
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भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि 11 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने उत्तर‑पश्चिम, मध्य और पूर्वी राज्यों में तेज हवाओं के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच बिहार में गंगा, कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ से अब तक 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। राज्य政府 ने 45 राहत शिविर स्थापित किए हैं और एनडीआरएफ की 12 टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरी सामान, खाद्य पैकेट तथा पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेल और सड़क मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। आईएमडी ने किसानों और नागरिकों से अपील की है कि वे लाल और नारंगी रंग की चेतावनी को गंभीरता से लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। भारी बारिश के कारण कई राजमार्ग और रेल लाइनें पानी में डूब गई हैं, जिससे ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा है। बिजली आपूर्ति में भी बाधा आई है और कई इलाकों में अंधेरा पसरा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री गिराने की योजना बनाई है। मौसम विभाग का अगला अपडेट 9 सितंबर को जारी होगा, जिसमें बारिश की तीव्रता, अवधि और संभावित प्रभाव की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मौसम विभाग ने बताया कि बिहार के उत्तरी जिले जैसे दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पटना में सबसे अधिक जल‑जमाव देखा गया है। कई स्कूल और कॉलेज अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और उनकी इमारतों को राहत केंद्र में बदल दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि वह राज्य को अतिरिक्त नाव, लाइफ जैकेट और खाद्य पैकेट प्रदान कर रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से धान और गन्ने की फसल को नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है। वन विभाग ने बताया कि बाढ़ के कारण कई जंगली जानवरों के आवास प्रभावित हुए हैं और उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि 2 लाख से अधिक लोगों को ऊंची जगह पर और अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित किया गया है। केंद्र सरकार ने बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिसमें 150 करोड़ रुपये तत्काल बचाव कार्यों के लिए रखे गए हैं। गैर‑सरकारी संगठन जैसे रेड क्रॉस और गून्ज ने प्रभावित परिवारों को कंबल, स्वच्छता किट और पके हुए भोजन वितरित किए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून ट्रफ़ अगले 48 घंटों तक गंगा मैदानी मैदान में सक्रिय रहेगी, जिससे भारी बारिश बनी रह सकती है। उन्होंने निवासियों को सलाह दी है कि वे बाढ़ प्रभावित सड़कों को पार न करें और आपातकालीन संपर्क जानकारी हाथ में रखें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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