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हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर बोला हमला, सोनिया-राहुल पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

17/8/2026, 7:21:24 am
हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर बोला हमला, सोनिया-राहुल पर माहौल बिगाड़ने का आरोप
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को गुवाहाटी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सरमा ने आरोप लगाया कि दोनों नेता अपने बयानों से सामाजिक तनाव बढ़ा रहे हैं और राज्य की शांति को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की नीतियाँ असम के विकास को रोक रही हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को ‘पक्का नक्सली’ करार दिया। उन्होंने कहा कि चिदंबरम की नीतियाँ और बयान हमेशा चरमपंथी विचारधारा के पक्ष में रहे हैं। सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस के शीर्ष नेता असम में अस्थिरता फैलाने के लिए साजिश रच रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चिदंबरम के पुराने बयानों से स्पष्ट होता है कि वे अलगाववादी तत्वों का समर्थन करते रहे हैं। इस बयान पर कांग्रेस की तरफ से तुरंत प्रतिक्रिया आई। पार्टी प्रवक्ता ने सरमा के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर निशाना साध रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि चिदंबरम पर ऐसा लेबल लगाना राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। पार्टी ने सरमा से सबूत पेश करने की मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरमा के इस हमले से असम में चुनावी माहौल और गर्म होगा। भाजपा अपने मुख्यमंत्री की आक्रामक शैली को वोटरों के सामने मजबूती के रूप में पेश कर सकती है, जबकि कांग्रेस इसे भाजपा की डर की राजनीति बताकर जनता का समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बयान ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। असम में पिछले कुछ महीनों से कानून‑व्यवस्था, एनआरसी और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर पहले से ही तनाव चल रहा है। सरमा के ताजा बयान ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। दोनों पक्ष अब मीडिया और सोशल मीडिया पर एक‑दूसरे पर आरोप‑प्रत्यारोप लगा रहे हैं। जनता के बीच भी इस विवाद को लेकर मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेता अपने‑अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए रैलियाँ और बयान जारी कर सकते हैं। चुनावी साल में यह विवाद असम की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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