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हूतियों ने सऊदी अरब पर किया हमला, मक्का समझौता तुर्की को खींच सकता है जंग में

14/9/2026, 6:41:39 am
हूतियों ने सऊदी अरब पर किया हमला, मक्का समझौता तुर्की को खींच सकता है जंग में
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हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब के कई सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले में कुछ सैनिक घायल हुए और सामान का नुकसान हुआ। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि की और कहा कि वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया। इस बीच, 2015 में हुए मक्का समझौते की चर्चा फिर से तेज हो गई है। यह समझौता तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ था। इसमें साफ लिखा है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसलिए विश्लेषकों का मानना है कि यदि सऊदी अरब पर हमले जारी रहे तो तुर्की और पाकिस्तान को भी सैन्य कार्रवाई में शामिल होना पड़ सकता है। तुर्की के विदेश मंत्री ने बयान जारी कर कहा कि उनका देश समझौते की शर्तों का पालन करेगा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हर संभव कदम उठाएगा। पाकिस्तान ने भी कहा कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों ने संयुक्त बयान में हूती हमलों की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की। हूती गुट यमन में सऊदी‑नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ लड़ रहा है। उसके पास ईरान से मिली मिसाइल तकनीक है, जिससे वह लंबी दूरी तक हमला कर सकता है। पिछले कुछ महीनों में हूती ने सऊदी तेल संयंत्रों और हवाई अड्डों पर कई हमले किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मक्का समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को बदल सकता है। अगर तुर्की और पाकिस्तान सक्रिय होते हैं तो यमन संकट एक बड़ा क्षेत्रीय युद्ध बन सकता है। फिलहाल सभी पक्ष तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रहे हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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