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वायु सेना की ताकत बढ़ेगी: सुखोई में लगेगी रूस की आर-37एम मिसाइल, 300 किमी तक मार

6/9/2026, 9:53:56 pm
वायु सेना की ताकत बढ़ेगी: सुखोई में लगेगी रूस की आर-37एम मिसाइल, 300 किमी तक मार
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भारतीय वायु सेना अपनी लड़ाकू क्षमता को नई ऊंचाई देने के लिए रूस की सबसे शक्तिशाली हवा-से-हवा मिसाइल R-37M को अपने मुख्य लड़ाकू विमान सुखोई-30MKI में एकीकृत करने जा रही है। यह मिसाइल लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है, जिससे दुश्मन के लड़ाकू विमान, अवाक्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बहुत पहले ही निशाना बनाया जा सकेगा। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस सौदे पर पिछले महीने मॉस्को में हस्ताक्षर हुए थे और अब भारतीय तकनीकी दल रूसी इंजीनियरों के साथ मिलकर सुखोई के एवियोनिक्स और फायर-कंट्रोल सिस्टम को मिसाइल के अनुकूल बना रहे हैं। सुखोई-30MKI बेड़े में R-37M के जुड़ने से वायु सेना को लंबी दूरी की हवाई लड़ाई में निर्णायक बढ़त मिलेगी, खासकर लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां दुश्मन की हवाई गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की हवाई रक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी है, साथ ही यह रूस के साथ लंबी अवधि की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने हाल ही में कहा कि नई मिसाइल का उड़ान परीक्षण अगले छह महीनों में पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद इसे ऑपरेशनल स्क्वाड्रन में तैनात किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें मिसाइल की खरीद, विमान में एकीकरण, सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण और रखरखाव ढांचा शामिल हैं। रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक R-37M की लंबी रेंज और उच्च गति इसे मौजूदा R-77 और अस्त्र मिसाइलों से कहीं आगे रखती है, जिससे भारतीय पायलटों को पहले हमला करने की क्षमता मिलेगी। भारत सरकार ने इस मिसाइल के लिए रूसी निर्माता के साथ संयुक्त उत्पादन की संभावना भी तलाश रही है, ताकि भविष्य में स्पेयर पार्ट्स और अपग्रेड देश में ही उपलब्ध हों। इसके अलावा, वायु सेना अपने पायलटों के लिए नए सिम्युलेटर और टैक्टिकल ट्रेनिंग मॉड्यूल विकसित कर रही है, जिससे वे 300 किलोमीटर की रेंज का पूरा लाभ उठा सकें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में संसद में बताया कि इस मिसाइल की तैनाती से भारत की हवाई श्रेष्ठता क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को मजबूत करेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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